नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) संसद की कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी स्थायी समिति के सदस्य सस्मित पात्रा ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) जैसी नई पीढ़ी की प्रौद्योगिकियां और भरोसेमंद आंकड़ें भारत के खनन एवं धातु क्षेत्र को अधिक उत्पादक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती हैं।
राज्यसभा सदस्य पात्रा ने कहा कि डिजिटलीकरण से इस क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
उद्योग मंडल फिक्की के बयान के अनुसार, पात्रा ने ‘खनन एवं धातु क्षेत्र में डिजिटलीकरण, एआई, स्वचालन और प्रौद्योगिकी एकीकरण’ विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
पात्रा ने कहा, ‘‘एआई और डिजिटल प्रौद्योगिकियां खनन क्षेत्र में कामकाज की अधिक प्रभावी निगरानी, संसाधनों के जिम्मेदारी से इस्तेमाल और विश्वसनीय एवं पारदर्शी आंकड़े तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। प्रौद्योगिकी इस क्षेत्र को अधिक दक्ष बनाने के साथ ही सुरक्षा, टिकाऊपन और सभी हितधारकों के भरोसे को मजबूत कर सकती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एआई और डिजिटलीकरण सहित प्रौद्योगिकी में खनन क्षेत्र में बदलाव लाने की क्षमता है। इससे बेहतर निगरानी, अधिक पारदर्शी निर्णय लेने और संसाधनों के जिम्मेदारी से प्रबंधन में मदद मिलेगी। प्रौद्योगिकी का प्रभावी इस्तेमाल करके हम अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और जवाबदेह खनन व्यवस्था बना सकते हैं।’’
भाषा योगेश रमण
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