Credit Card: अगर क्रेडिट कार्ड यूजर की मौत हो जाए तो कौन भरेगा बकाया रकम? जानिए नियम और चौंकाने वाले सच!

Credit Card: आज के समय में रिवॉर्ड्स, कैशबैक और डिस्काउंट की वजह से क्रेडिट कार्ड खासकर युवाओं में लोकप्रिय हो गया है। एक बार इसकी आदत लग गई तो खर्च नियंत्रण मुश्किल हो जाता है, जिससे वित्तीय समस्याओं का सामना करना सकता है।

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  • Publish Date - January 4, 2026 / 03:48 PM IST,
    Updated On - January 4, 2026 / 04:18 PM IST

(Credit Card/ Image Credit: Pexels)

HIGHLIGHTS
  • क्रेडिट कार्ड आजकल युवाओं में बहुत पॉपुलर।
  • कर्ज सिर्फ कार्ड होल्डर की जिम्मेदारी।
  • परिवार पर कभी बोझ नहीं डाला जाता।

Credit Card: आज के समय में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ज्यादातर लोगों की वॉलेट में दो-तीन कार्ड होना आम बात हो गई है। युवाओं के बीच यह इसलिए भी लोकप्रिय है क्योंकि यह तुरंत एडवांस फंड पाने का सरल तरीका देता है। HDFC, SBI और ICICI जैसे बड़े बैंक अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से कस्टमर्स को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराते हैं। एप्लीकेशन प्रक्रिया आजकल डिजिटल और आसान हो गई है। आमतौर पर कार्ड की लिमिट ग्राहक की आय और क्रेडिट स्कोर के आधार पर तय की जाती है।

Credit Card: अगर कार्ड होल्डर की मौत हो जाए

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बढ़ने के साथ यह सवाल भी उठता है कि अगर कार्ड होल्डर की अचानक मौत हो जाए, तो बकाया रकम का क्या होगा? बैंक आमतौर पर मृतक की प्रॉपर्टी, पॉलिसी या निवेश से बकाया वसूलने की कोशिश करता है। लेकिन अगर ऐसी कोई संपत्ति न हो, तो परिवार पर कोई बोझ नहीं डाला जाता। क्रेडिट कार्ड का कर्ज सिर्फ कार्ड होल्डर की जिम्मेदारी होती है। ऐसे मामलों में कर्ज खत्म माना जाता है।

Credit Card: बैंक और NPA की स्थिति

अगर बकाया रकम मृतक की संपत्ति से ज्यादा हो, तो बची हुई राशि को बैंक NPA यानी Non-Performing Asset के रूप में दर्ज करता है। यानी बैंक इसे अपने नुकसान में शामिल कर लेता है। इससे परिवार पर कोई वित्तीय दबाव नहीं पड़ता।

Credit Card: RBI की गाइडलाइंस क्या है?

RBI ने लेंडर्स को निर्देश दिया है कि कर्ज वसूलने में धमकी या उत्पीड़न का सहारा न लें। कार्ड होल्डर के परिवार, दोस्तों या रेफरेंस को परेशान करना कानूनी रूप से गलत है। वहीं, FD-बैक्ड या सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड में बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट बेचकर बकाया वसूल सकते हैं।

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अगर कार्ड होल्डर की मौत हो जाए तो बकाया कर्ज कौन भरेगा?

क्रेडिट कार्ड का कर्ज सिर्फ कार्ड होल्डर की जिम्मेदारी होती है। परिवार पर बोझ नहीं डाला जाता।

बैंक कैसे बकाया वसूल करता है?

बैंक मृतक की प्रॉपर्टी, पॉलिसी या निवेश से कानूनी तरीके से बकाया वसूल करता है।

अगर मृतक के पास संपत्ति न हो तो क्या होगा?

बैंक बची हुई रकम को NPA (Non-Performing Asset) मानकर अपने नुकसान में शामिल कर लेता है।

RBI इस मामले में क्या निर्देश देती है?

RBI कहती है कि परिवार या दोस्तों पर धमकी, उत्पीड़न या अपमान का कोई अधिकार नहीं है।