रायपुर, एक मई (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को जशपुर जिले के बगिया गांव में समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास और जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के तहत बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई प्रणाली के निर्माण कार्य की शुरुआत की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अपने गृह ग्राम बगिया में इस परियोजना की शुरुआत की, जो कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर में मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना केवल एक सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि “हर बूंद से अधिक उत्पादन” की सोच का सशक्त प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन से जशपुर जिला देश के लिए आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का मॉडल बनेगा और किसानों को समृद्धि की नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के तहत पारंपरिक नहर प्रणाली के स्थान पर आधुनिक प्रेशराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भूमिगत पाइपलाइन व्यवस्था से जल की बर्बादी रुकेगी, जल उपयोग दक्षता बढ़ेगी और भूमि अधिग्रहण की समस्या भी नहीं होगी। इससे वर्षा पर निर्भर किसानों को पूरे वर्ष सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना कृषि को तकनीक आधारित, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है तथा इससे जशपुर को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल एग्री-इरीगेशन जिला बनने की क्षमता प्राप्त होगी।
अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के तहत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड और ढुढुडांड सहित 13 गांवों के लगभग 4,933 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के 23 राज्यों में स्वीकृत 34 एम-कैड परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ का बगिया क्लस्टर एकमात्र चयनित परियोजना है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 95.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जबकि कुल परियोजना लागत लगभग 119 करोड़ रुपये है।
भाषा
संजीव रवि कांत