Vande Bharat: यूपी में BJP की नई लिस्ट.. ’27’ का ब्लू प्रिंट! संगठन में जातीय संतुलन का तड़का, क्या नई टीम में छिपा है कोई चुनावी गणित?

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यूपी में BJP की नई लिस्ट.. '27' का ब्लू प्रिंट! संगठन में जातीय संतुलन का तड़का, Executive expansion in UP BJP

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  • Publish Date - June 26, 2026 / 12:20 AM IST,
    Updated On - June 26, 2026 / 12:30 AM IST

UP Election 2027. Image Source- IBC24

लखनऊः UP Election 2027 उत्तरप्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी डेढ़ साल दूर है, लेकिन बीजेपी ने उसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी है। यूपी बीजेपी ने 64 लोगों की लिस्ट जारी की है, जिसके बाद से ही सियासी पंडित अपने अपने गणित बैठाने में लगे हैं। यूपी बीजेपी की नई टीम को अगर सिर्फ संगठनात्मक फेरबदल समझ रहे हैं तो तस्वीर अधूरी है, क्योंकि इस सूची में सिर्फ चेहरे नहीं बदले गए हैं, बल्कि जाति, क्षेत्र और सामाजिक प्रतिनिधित्व का नया गणित भी साधा गया है। यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को मिलाकर अब 54 लोगों की टीम हो गई है।

UP Election 2027 सबसे बड़ा बदलाव ओबीसी प्रतिनिधित्व में दिखाई देता है। पिछली टीम में जहां 16 ओबीसी चेहरे थे। वहीं नई टीम में उनकी संख्या बढ़कर 25 हो गई है यानी बीजेपी ने एक बार फिर साफ संकेत दिया है कि 2027 में उसका सबसे बड़ा दांव गैर-यादव पिछड़े वोट बैंक पर रहेगा। दूसरी तरफ सवर्ण प्रतिनिधित्व में हल्की कटौती दिखाई देती है। ठाकुर नेताओं की संख्या 7 से घटकर 6 और ब्राह्मण नेताओं की संख्या 8 से घटकर 7 रह गई है। हालांकि दोनों वर्गों की मजबूत मौजूदगी बरकरार रखी गई है, ताकि पारंपरिक वोट बैंक भी संतुलित रहे।

बीजेपी ने सिर्फ जातीय नहीं बल्कि क्षेत्रीय संतुलन पर भी पूरा ध्यान दिया है। पश्चिम यूपी से लेकर पूर्वांचल अवध से लेकर बुंदेलखंड और ब्रज तक लगभग हर बड़े क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। यही वजह है कि सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्ष बदलकर नए सामाजिक समीकरणों के अनुरूप चेहरे आगे लाए गए हैं। नई टीम में कुछ राजनीतिक संदेश भी छिपे हैं। सपा से बगावत करने वाली पूजा पाल को जिम्मेदारी देकर बीजेपी ने दलित और गैर-यादव वोटरों को साधने का संकेत दिया है। वहीं राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह की एंट्री से संगठन और सत्ता के बीच तालमेल का संदेश भी दिया गया है। महिलाओं को भी इस बार पहले से ज्यादा अहमियत दी गई है। 13 महिलाओं को टीम में जगह मिली है, जबकि कई पुराने चेहरों की जगह नए कार्यकर्ताओं को प्रमोशन देकर संगठन में नई ऊर्जा लाने की कोशिश की गई है।

कुल मिलाकर बीजेपी की नई टीम सिर्फ संगठन की सूची नहीं, बल्कि 2027 के चुनाव का सामाजिक नक्शा है, जहां ओबीसी विस्तार, क्षेत्रीय संतुलन, महिला प्रतिनिधित्व और नए चेहरों के जरिए बीजेपी ने साफ कर दिया है कि उसका फोकस सिर्फ सरकार चलाने पर नहीं बल्कि अगले चुनाव का समीकरण साधने पर भी है। नई टीम को देखकर इतना तो साफ है कि बीजेपी ने 2027 की लड़ाई के लिए जाति, क्षेत्र और संगठन तीनों मोर्चों पर अपनी शतरंज की बिसात बिछानी शुरू कर दी है।