Reported By: Suman Pandey
,रायपुरः Akhil Bhartiya Agrawal Sammelan: आर्थिक भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे गोपाल शरण गर्ग को अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें बसंत मित्तल ने करीब 300 वोटों से शिकस्त दी है। इतना ही नहीं गोपाल शरण का पूरा पैनल भी बुरी तरह पराजित हुआ है। बसंत मित्तल की जीत से समाज और संगठन में खुशी की नई लहर दिखाई दे रही है। उनकी नई कार्यकारिणी का कार्यकाल 2026 से 2031 तक रहेगा।
बता दें कि गोपाल शरण गर्ग पर अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन नाम से लिए गए सैकड़ों किलो चांदी, करोड़ों रुपए और अरबों की जमीन गबन करने का आरोप है। बीतें दिनों रायपुर के रहने वाले संगठन के आजीवन सदस्य सतनारायण मित्तल ने गोपाल शरण के काले कारनामों का खुलासा किया था। सतनारायण मित्तल ने बताया था कि हरियाणा के अग्रोहा में कुलदेवी महालक्ष्मी मंदिर बनाया जा रहा है। इस मंदिर को तैयार करने के नाम पर अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष गोपाल शरण ने देशभर से अग्रवाल समाज के लोगों से लाखों रुपए का नगद चंदा लिया गया। किसी ने पांच तो किसी ने 10 और 11 लाख रुपए तक चंदा दिया है। हैरान करने वाली बात ये है कि चंदे की इस रकम को संस्था के अकाउंट में नहीं दिखाया गया, बल्कि रसीद काटी गई और बाद में दस्तावेजों को जला दिया गया।
Akhil Bhartiya Agrawal Sammelan: इस तरह से 200 किलो से ज्यादा चांदी दान में आई, लेकिन ये चांदी भी संगठन के आधिकारिक खातों में दर्ज नहीं है। खबर यह भी थी कि बड़ी मात्रा में चांदी को बेचकर हवाला के जरिए रुपए इधर से उधर कर दिए गए। असम संगठन से मिली एक रसीद में 75 लाख रुपए का लेनदेन हवाला के जरिए करने की बात लिखी है।