CG Heat Wave | Photo Credit: IBC24
अम्बिकापुर: CG Heat Wave जिले में लगातार बढ़ते तापमान एवं आगामी दिनों में हीट वेव (लू) की संभावित स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, जिला सरगुजा द्वारा आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। अप्रैल एवं मई माह के दौरान तापमान में वृद्धि के साथ लू का प्रभाव बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला सरगुजा द्वारा जारी अपील में नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अनावश्यक रूप से तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से दोपहर 12ः00 बजे से 3ः00 बजे के बीच अत्यधिक आवश्यकता न होने पर घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर ही निकलें।
Heat wave Ambikapur गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी तेजी से हो सकती है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के साथ-साथ ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, लस्सी एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। हल्के रंग के ढीले एवं सूती वस्त्र पहनना भी लाभदायक बताया गया है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा पूर्व से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता बताई गई है। नोडल अधिकारी, जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य ने जानकारी दी कि लू लगना एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है, जो शरीर के अत्यधिक गर्म होने एवं तापमान नियंत्रण प्रणाली के प्रभावित होने के कारण होती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार (40 डिग्री सेल्सियस या अधिक), लाल व गर्म त्वचा, पसीना कम आना, सिरदर्द, चक्कर, घबराहट, कमजोरी, उल्टी तथा अचेतावस्था शामिल हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इन दिनों “हीट हेडेक” यानी गर्मी से संबंधित सिरदर्द की समस्या भी बढ़ सकती है, जो डिहाइड्रेशन, अधिक धूप, इलेक्ट्रोलाइट की कमी, नींद की कमी और अधिक कैफीन सेवन के कारण होती है। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि लोग खाली पेट न रहें, समय पर भोजन करें, पर्याप्त नींद लें तथा कैफीनयुक्त पेयों का सेवन सीमित रखें। मजदूर, किसान, यात्री, ट्रैफिक कर्मी एवं फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर लाकर ठंडा करने का प्रयास करें, ठंडे पानी की पट्टी रखें तथा होश में होने पर पानी या ओआरएस दें। गंभीर स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में लू से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक दवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध हैं। अंत में विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं सतर्क रहें तथा अपने परिवार और आसपास के कमजोर वर्गों का विशेष ध्यान रखें। जागरूकता एवं सावधानी ही गर्मी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।