TS Singh Deo Latest Statement: स्कूलों में मंत्रोच्चार के खिलाफ प्रदेश के पूर्व उप-मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव.. संविधान में निहित इस स्वतंत्रता का दिया हवाला, सरकार से की ये अपील

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TS Singh Deo Latest Statement on School Mantra: टीएस सिंहदेव ने स्कूलों में अनिवार्य मंत्रोच्चार का विरोध किया, धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों का हवाला दिया।

  • Reported By: Abhishek Soni

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  • Publish Date - June 16, 2026 / 05:07 PM IST,
    Updated On - June 16, 2026 / 05:09 PM IST

TS Singhdeo Latest Statement on School Mantra || Image- AI generated File

HIGHLIGHTS
  • टीएस सिंहदेव ने अनिवार्य मंत्रोच्चार पर आपत्ति जताई।
  • धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देकर आदेश वापस लेने की मांग।
  • सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में प्रार्थना के दौरान विभिन्न मंत्रों के पाठ को अनिवार्य किए जाने के आदेश पर राजनीतिक और सामाजिक विवाद गहरा गया है। (TS Singh Deo Latest Statement on School Mantra) कांग्रेस समेत कई संगठनों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार से आदेश वापस लेने की मांग की है।

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टीएस सिंहदेव ने क्या कहा?

टीएस सिंहदेव ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। किसी भी धर्म से जुड़े मंत्र या प्रार्थना का पाठ पूरी तरह स्वैच्छिक होना चाहिए और इसे किसी पर अनिवार्य रूप से नहीं थोपा जा सकता। उन्होंने कहा कि जो छात्र या शिक्षक ऐसी प्रार्थनाओं में शामिल नहीं होना चाहते, उन्हें इसके लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।

स्कूलों के लिए जारी हुआ नया शेड्यूल

स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शिक्षा सत्र के लिए सरकारी स्कूलों का दैनिक कार्यक्रम जारी किया है। इसके तहत सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, गुरु मंत्र, सरस्वती वंदना और महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराया जाएगा। (TS Singh Deo Latest Statement on School Mantra) वहीं मध्यान्ह भोजन से पहले भोजन मंत्र तथा छुट्टी के समय राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का पाठ कराया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करना है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इसे नई पीढ़ी को अध्यात्म और देशभक्ति से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है।

कांग्रेस और इस्लामी कोर्ट ने जताई आपत्ति

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस फैसले को राजनीतिक प्रोपेगेंडा करार देते हुए कहा कि सरकार को पहले स्कूलों की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में भवन जर्जर हैं और शिक्षकों की कमी बनी हुई है।

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वहीं रायपुर इस्लामी कोर्ट ने भी आदेश पर आपत्ति जताई है। मौलाना सैय्यद अशरफ जिलानी ने कहा कि देश में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग रहते हैं, इसलिए किसी विशेष धार्मिक परंपरा से जुड़े मंत्रों को अनिवार्य करना उचित नहीं है। (TS Singh Deo Latest Statement on School Mantra) उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 25 में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ा विषय बताया।

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Q1. टीएस सिंहदेव ने स्कूलों में मंत्रोच्चार पर क्या कहा?

A: उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रार्थनाएं स्वैच्छिक हों, किसी पर अनिवार्य नहीं थोपी जानी चाहिए।

Q2. सरकार ने स्कूलों के लिए क्या नया प्रावधान किया है?

A: प्रार्थना सभाओं में विभिन्न मंत्र, वंदना, राष्ट्रगीत और राज्यगीत के पाठ का प्रावधान किया।

Q3. इस फैसले का विरोध क्यों हो रहा है?

A: विरोधी इसे धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन से जोड़ रहे हैं।