Baloda Bazar Behen Ki Hatya / Image Source : FILE / AI
बलौदाबाजार : Baloda Bazar Behen Ki Hatya : जादू-टोना एक ऐसा अंधविश्वास, जिसके खिलाफ सरकार और प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं लेकिन इसके बावजूद गांवों में अंधविश्वास का ये जहर आज भी लोगों की सोच में जिंदा है। बलौदाबाजार जिले में इसी अंधविश्वास ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। जादू-टोने के शक में एक चचेरे भाई ने अपनी ही बहन की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब पूरे मामले की जांच की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला बलौदाबाजार जिले के लवन थाना क्षेत्र के चितावर गांव का है , जहां सतरूपा नाम की युवती अपने घर की बाड़ी में स्थित कुएं पर बर्तन धो रही थी। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त वह घर में अकेली थी। तभी उसका चचेरा भाई रामदयाल ध्रुव बाड़ी के रास्ते वहां पहुंचा और तेजधार हथियार से सतरूपा की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। हमले में सतरूपा गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लेकिन इस हत्या के पीछे की वजह जितनी खौफनाक है उतनी ही हैरान करने वाली भी।
बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले आरोपी रामदयाल ध्रुव की पत्नी की अचानक मौत हो गई थी। Cg Crime News पत्नी की मौत के बाद रामदयाल ने सतरूपा पर जादू-टोना करने का शक करना शुरू कर दिया था। इसी शक को लेकर दोनों परिवारों के बीच कई बार विवाद भी हुआ। मामला गांव की सामाजिक बैठक तक पहुंचा, समझाइश दी गई लेकिन आरोपी के मन में बैठा शक खत्म नहीं हुआ और आखिरकार यही अंधविश्वास एक खौफनाक वारदात में बदल गया।’
आरोप है कि रामदयाल ने मौका पाकर अपनी ही चचेरी बहन सतरूपा पर हमला कर उसकी जान ले ली। सतरूपा अपने परिवार की एकलौती बेटी थी। उसकी हत्या की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतिका की मां ने भी बेटी की हत्या के पीछे जादू-टोने का शक ही वजह बताया है। घटना की सूचना मिलते ही लवन पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी रामदयाल ध्रुव को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार समेत घटनाक्रम से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आखिर आरोपी ने किस आधार पर मृतिका पर जादू-टोना करने का शक किया था और क्या इस विवाद को लेकर पहले कोई शिकायत या सामाजिक बैठक हुई थी। चितावर गांव की ये घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि आखिर आधुनिक दौर में भी अंधविश्वास लोगों की सोच पर इतना हावी क्यों है?
एक महिला की मौत , एक परिवार की जिंदगी भर की पीड़ा और इसके पीछे सिर्फ एक ऐसा शक, जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं। जरूरत है कि जादू-टोना जैसी भ्रामक धारणाओं के खिलाफ जागरूकता सिर्फ अभियानों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज की सोच में भी बदलाव आए। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। लेकिन चितावर की ये वारदात अपने पीछे एक बड़ा सवाल छोड़ गई है। क्या महज शक और अंधविश्वास किसी की जिंदगी छीनने का कारण बन सकता है?