Reported By: Sunil Sahu
,CG Fake Transfer Order: छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता ने सहयोगियों के साथ मिलकर किया खेला, फर्जी हस्ताक्षर कर जारी किया तबादला आदेश, जानिए कैसे हुआ खुलासा / Image: IBC24 Original
बलौदा बाजार: CG Fake Transfer Order जिले में CMHO के फर्जी हस्ताक्षर से ट्रांसफर ऑर्डर बनाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पलारी थाना पुलिस ने भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी, ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला रोहांशी PHC से मोपर PHC में ट्रांसफर के कथित फर्जी आदेश से जुड़ा है। आरोप है कि फर्जी आदेश में CMHO डॉ. राजेश अवस्थी के हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया।
CG Fake Transfer Order दरअसल, बीते 17 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में व्हाट्सऐप के जरिए एक स्थानांतरण आदेश पहुंचा। आदेश ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन के नाम से जारी होना बताया गया था। दस्तावेज की जांच की गई तो आदेश कूटरचित पाया गया। साथ ही उस पर किए गए CMHO के हस्ताक्षर भी अधिकृत हस्ताक्षर से मेल नहीं पाए। मामले की शिकायत खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज वर्मा ने पलारी थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने BNS की धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी, ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन, गिरौदपुरी के पूर्व सरपंच पुनी राम पटेल और कसडोल के ग्रामीण चिकित्सा सहायक रवि सेन को गिरफ्तार किया है। मामले में करीब एक लाख रुपए के कथित लेनदेन की बात भी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़ी जानकारी की भी जांच की जा रही है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी ट्रांसफर आदेश आखिर किसने तैयार किया, इसे किसने प्रसारित किया और इस पूरे मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं? पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ दस्तावेज और लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। वहीं, वही पूरा मामला सामने आने के बाद भाजपा की ओर से भी कार्रवाई की गई है। भाजपा के जिलाध्यक्ष आनंद यादव ने लेटर जारी करते हुए भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी को जिलाध्यक्ष महामंत्री और पुनीराम पटेल को जिला उपाध्यक्ष के पद से तत्काल हटा दिया गया है। फिलहाल चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और फर्जी ट्रांसफर आदेश के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।