जगदलपुर : Jagdalpur News : धार्मिक आस्था का फायदा उठाते हुए धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। बस्तर जिले के परचनपाला निवासी योगेन्द्र पांडे ने प्रयागराज महाकुंभ और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के नाम पर 55 श्रद्धालुओं से 7,000-8,000 रुपये वसूले, लेकिन वादे के अनुसार उन्हें सभी स्थानों की यात्रा नहीं करवाई गई। Mahakumbh Yatra Fraud In CG
Mahakumbh Yatra Fraud In CG : श्रद्धालुओं के अनुसार, योगेन्द्र पांडे ने महाकुंभ और काशी समेत अन्य तीर्थ स्थलों के दर्शन करवाने का वादा किया था। हालांकि, प्रयागराज और काशी दर्शन के बाद ही यात्रा अचानक रोक दी गई। जब यात्रियों ने इस पर आपत्ति जताई, तो योगेन्द्र पांडे और उसके साथियों ने उनके साथ बदसलूकी की और बस छोड़कर कोरबा के पास भाग गए। धोखाधड़ी का शिकार हुए यात्री किसी तरह से अपने पैसे इकट्ठा कर स्वयं जगदलपुर लौटे और वहां पहुंचकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
Mahakumbh Yatra Fraud In CG : इस घटना से इलाके में आक्रोश फैल गया है और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। पीड़ित श्रद्धालुओं ने योगेन्द्र पांडे और उसके साथियों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
योगेन्द्र पांडे नामक व्यक्ति ने 55 श्रद्धालुओं से 7-8 हजार रुपये लिए और वादा किया कि वह उन्हें प्रयागराज महाकुंभ और अन्य तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाएगा। लेकिन कुछ स्थानों के दर्शन करवाने के बाद वह भाग गया।
"क्या पीड़ित श्रद्धालुओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई?"
हां, धोखाधड़ी का शिकार हुए सभी यात्री जगदलपुर लौटकर कोतवाली थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।
"क्या पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है?"
हां, पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।
"धार्मिक यात्राओं में धोखाधड़ी से बचने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए?"
किसी भी अनजान ट्रैवल एजेंसी या व्यक्ति पर विश्वास करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें। सरकारी या मान्यता प्राप्त यात्रा आयोजकों से ही टिकट बुक करें। यात्रा के दौरान आयोजक की गतिविधियों पर नजर रखें और संदेह होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।
"धोखाधड़ी का शिकार होने पर क्या करें?"
तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज करवाएं। यात्रा की सभी रसीदें और लेन-देन के सबूत सुरक्षित रखें। अन्य पीड़ितों के साथ मिलकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग करें।