दुर्गः छत्तीसगढ़ के दुर्ग में आर्थिक तंगी से परेशान होकर एक परिवार पूरी तरह से बिखर गया है। सिकोला बस्ती में रहने वाले परिवार के मुखिया ने खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पति की मौत की खबर सुनकर अस्पताल में भर्ती पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ देखकर पूरा मोहल्ला गमगीन हो गया है। घटना के बाद परिवार के सदस्यों सहित पूर्व पार्षद ने इसके पीछे सिस्टम को दोषी ठहराया है। तो वही मोहननगर थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच को शुरू कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार सिकोला बस्ती में जैतखाम के पास रहने वाले तिलक कुर्रे पेशे से पेंटर था। उसकी पत्नी शीतल भी मजदूरी कर परिवार चलाने में मदद करती थी। परिवार पहले से ही तंगी से जूझ रहा था। इसी बीच इनका बड़ा बेटा मारपीट के एक मामले में 15 दिन से जेल में बंद है। 17 साल का छोटा बेटा किसी तरह से घर का खर्च चलाने में सहयोग करता था। इस बीच शीतल को आंत की बीमारी के कारण उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जिसके बाद उसका ऑपरेशन भी करना पड़ा। खर्च के कारण स्थिति और भी खराब हो गई।
कुछ महीने पहले ही बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बिजली बिल अदा नहीं करने पर उनके घर की बिजली सप्लाई को काट मीटर उखाड़ दिया था। वहीं बिजली वापस लाने की जद्दोजहद में तिलक ने लोन पर पैसे लेकर बिजली बिल की राशि कुछ दिन पहले अदा भी कर दिया था, लेकिन बिजली विभाग कनेक्शन नहीं जोड़ रहा था। ऐसे कई कारणों से तंग आकर कल शाम तिलक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पति की मौत की खबर सुनकर और परिस्थिति के सामने हारकर शीतल ने भी 12 घंटे बाद आज सुबह अस्पताल में दम तोड़ दिया। आज दोपहर को दोनों पति पत्नी की अर्थी एक साथ उठी।