DMF Scam Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित घोटाले में बड़ा फैसला, पूर्व IAS अनिल टूटेजा को सुप्रीम कोर्ट से राहत, लेकिन शर्तें जानकर चौंक जाएंगे

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DMF Scam Chhattisgarh: बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित DMF (District Mineral Foundation) घोटाले में पूर्व IAS अधिकारी अनिल टूटेजा को पहले छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली थी।

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  • Publish Date - May 18, 2026 / 03:16 PM IST,
    Updated On - May 18, 2026 / 03:37 PM IST

dmf ghotala/ image soruce: ibc24

HIGHLIGHTS
  • DMF घोटाले में बड़ी कार्रवाई
  • अनिल टूटेजा को सशर्त जमानत
  • हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

DMF Scam Chhattisgarh: बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित DMF (District Mineral Foundation) घोटाले में पूर्व IAS अधिकारी अनिल टूटेजा को पहले छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली थी। न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास की एकलपीठ ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि केस डायरी, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, WhatsApp चैट और सह-आरोपियों के बयानों से प्रथम दृष्टया उनकी भूमिका सामने आती है।

अदालत ने माना था कि यह गंभीर आर्थिक अपराध है

अदालत ने माना था कि यह गंभीर आर्थिक अपराध है और आरोपी का प्रभावशाली प्रशासनिक पद पर रहना गवाहों को प्रभावित करने तथा जांच में बाधा डालने की आशंका पैदा करता है। हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि ट्रायल में देरी अपने-आप जमानत का आधार नहीं बनती, खासकर जब सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और संगठित भ्रष्टाचार के आरोप हों।

टेंडरों के आवंटन में अनियमितताएं की गईं

जांच एजेंसियों के अनुसार DMF फंड का इस्तेमाल खनन प्रभावित जिलों में विकास कार्यों के लिए होना था, लेकिन टेंडरों के आवंटन में कथित अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि स्मार्ट क्लास, मिनी साइंस लैब, RO सिस्टम,फर्नीचर सप्लाई और अन्य कार्यों में चुनिंदा फर्मों को फायदा पहुंचाया गया। जांच में यह भी दावा किया गया कि कमीशन के बदले काम दिलाए गए और करोड़ों रुपये की अवैध वसूली हुई।

राज्य पक्ष ने अदालत को बताया था कि अनिल टूटेजा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जिला प्रशासन पर दबाव बनाया और निजी पक्षों को अनुचित लाभ दिलाया। हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दिए जाने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति बागची की पीठ ने अनिल टूटेजा को सशर्त जमानत दे दी।

अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर हैं

अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर हैं,लेकिन उनका परीक्षण ट्रायल में होगा। पीठ ने निर्देश दिया कि टूटेजा छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगे, एक सप्ताह में अपने ठहरने का विवरण ACB और संबंधित थाना क्षेत्र को देंगे, और हर सुनवाई में उपस्थित रहेंगे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत बॉन्ड स्थानीय अदालत की संतुष्टि के अनुसार दाखिल किया जाएगा।

इन्हें भी पढ़ें:

DMF घोटाला क्या है?

खनिज फंड में कथित भ्रष्टाचार मामला।

अनिल टूटेजा कौन हैं?

पूर्व IAS अधिकारी और आरोपी।

जमानत किसने दी?

सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दी।