7th Pay Commission DA Hike Order: भाजपा सरकार ने जारी किया सरकारी कर्मचारियों के DA में दो प्रतिशत बढ़ाने का आदेश, मिलेगा इतने महीने का एरियर्स, जानिए कब से खाते में आएगा पैसा / Image: IBC24 Customized
चंडीगढ़: 7th Pay Commission DA Hike Order केंद्र की मोदी सरकार के बाद अब प्रदेश की सैनी सरकार ने भी कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। सरकार के फैसले के बाद वित्त विभाग ने महंगाई भत्ते का भुगतान करने का आदेश भी जारी कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद अब प्रदेश के कर्मचारियों को 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाएगा। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा।
7th Pay Commission DA Hike Order मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश की नायब सिंह सैनी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने का आदेश जारी किया है। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जनवरी से मान्य होगा तो ऐसे में कर्मचारियों को 4 महीने का एरियर्स का भी भुगतान किया जाएगा। हरियाणा सरकार के इस फैसले का लाभ 7वें वेतन आयोग के तहत वेतन और पैंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि डी.ए./डी.आर. के भुगतान में 50 पैसे या उससे अधिक की राशि को अगले पूरे रुपये में गिना किया जाएगा, जबकि 50 पैसे से कम की राशि को नजरअंदाज किया जाएगा। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता द्वारा जारी इस आदेश से 4 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनरों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे पहले अक्टूबर 2025 में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मंहगाई भत्ते में 3 फीसदी बढ़ोतरी की सौगात दी गई थी।
गौरतलब है कि इससे पहले हरियाणा सरकार ने श्रमिकों को दिए जाने वाले न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेजेज) की दरों में वृद्धि की थी। यह वेतन वृद्धि 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी। न्यूनतम वेतन दरों में लगभग 35 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। संशोधित वेतन संरचना के तहत, हरियाणा में अकुशल श्रमिकों को न्यूनतम 15,220.71 रुपए प्रति माह वेतन मिलेगा। अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए, न्यूनतम वेतन 16,780.74 रुपए प्रति माह तय किया गया है। कुशल श्रमिकों को कम से कम 18,500.81 रुपए प्रति माह मिलेंगे। ये दरें उन श्रमिकों पर लागू होंगी जो वेतन कानून के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों, कारखानों और ठेका श्रम व्यवस्थाओं में कार्यरत हैं।