CG Budget Session 2026 LIVE: ‘किसी ने लिया‌ कर्ज तो किसी को करनी थी बेटी की शादी’.. कवासी के इन सवालों पर घिरे ये सीनियर मंत्री, धान खरीदी पर विपक्ष का वॉकआउट

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CG Budget Session 2026 LIVE: 'किसी ने लिया‌ कर्ज तो किसी को करनी थी बेटी की शादी'.. कवासी के इन सवालों पर घिरे ये सीनियर मंत्री, धान खरीदी पर विपक्ष का वॉकआउट

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  • Publish Date - March 9, 2026 / 12:21 PM IST,
    Updated On - March 9, 2026 / 02:01 PM IST

शह मात The Big Debate | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • बजट सत्र के छठे दिन धान खरीदी का मुद्दा गरमाया
  • बस्तर के 32,200 किसानों से धान खरीदी नहीं हुई, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
  • कांग्रेस सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से बाहर चली गई

रायपुर: CG Budget Session 2026 LIVE होली की छुट्टी के बाद आज फिर से छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। विधानसभा बजट सत्र का आज यानी सोमवार को छठवां दिन है। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज और बजट को लेकर बहस हुई। प्रश्नकाल में आज कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए नजर आए। सदन में धान खरीदी के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा देखने को मिला। इस दौरान कांग्रेस ने सरकार पर किसानों के साथ छल करने का आरोप लगाया और सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर बहिर्गमन कर दिया।

कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने किया सवाल

CG Budget Session 2026 प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने बस्त के पांच जिलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बस्तर के पांच जिलों में 32,200 किसानों से इस साल धान खरीदी नहीं हुई है। किसान कर्ज लिए ​थे, बेटी की शादी करनी थी। धान बेचने की उम्मीद में पंजीयन भी कराया था। उनकी गिरदावरी भी हुई, फिर भी उनसे धान क्यों नहीं खरीदा गया।

उन्होंने कहा कि अगर इन किसानों से धान खरीदी होती तो उन्हें करीब 206 करोड़ रुपए मिलते, जिससे वे अपना कर्ज चुका सकते थे। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या अब सरकार किसानों का कर्ज चुकाएगी।

मंत्री दयाल दास बघेल ने दिया जवाब

इस पर खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि किसान धान बेचने नही आए तो कैसे धान खरीदी करें। बस्तर में पिछले कार्यकाल से दुगुना, तिगुना धान खरीदी हुई।

मंत्री के जवाब पर कवासी लखमा ने कहा, ये सदन में झूठ बोल रहे है। मंत्री ने कहा, जो किसान नहीं बेच पाए थे, उनके लिए दो दिन बढ़ाए थे। कवासी लखमा बोले, दो दिन में कितने धान लिए, उसका आंकड़ा बताएं। बीजापुर के किसानों ने कर्ज लिया है। या तो उनका कर्जा चुका दें, या धान खरीद लें।

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होली की छुट्टी के बाद 9 मार्च 2026 से फिर से शुरू हुआ।

धान खरीदी को लेकर विवाद क्यों हुआ?

बस्तर के 32,200 किसानों से धान खरीदी नहीं हुई, जिससे कांग्रेस ने सरकार पर किसानों के साथ छल करने का आरोप लगाया।

किसानों को कितना नुकसान हुआ?

करीब 206 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद थी, जो उन्हें नहीं मिला।