शह मात The Big Debate: धान पर जारी जंग..किसान किसके संग? क्या धान खरीदी के लिए और मोहलत मिलेगी?

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CG Dhan Kharidi News: धान पर जारी जंग..किसान किसके संग? क्या धान खरीदी के लिए और मोहलत मिलेगी?

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  • Publish Date - January 28, 2026 / 12:05 AM IST,
    Updated On - January 28, 2026 / 12:07 AM IST

CG Dhan Kharidi News | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए बस कुछ दिन शेष
  • टोकन कटने के बावजूद खरीदी में कटौती और केंद्रों पर अव्यवस्था से नाराजगी
  • तारीख बढ़ाने की मांग, सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप

रायपुर: इस साल की धान खरीदी (CG Dhan Kharidi News) में पहले दिन से अंतिम दिनों तक धान खरीदी व्यवस्था पर विपक्ष के साथ-साथ किसानों ने सवाल उठाए। सरकारी धान खरीदी तंत्र का दावा है कि सबकुछ नियम और प्लानिंग के हिसाबस से हुआ है। समय पर तय टार्गेट को पूरा करते हुए खरीदी का पूरी हो रही है। विपक्ष सरकार की मंशा को कठघरे में खड़ा कर रहा है, तो खुलकर पक्ष-विपक्ष और किसान की शंकाओं पर बहस होगी।

CG Dhan Kharidi छत्तीसगढ़ में 2025-26 के लिए धान खरीदी की प्रक्रिया की तय अंतिम तारीख 31 जनवरी के हिसाब से बस चंद दिन बचे हैं। जिसका प्रदेश में कई जिलों में किसान विरोध कर रहे हैं। 27 जनवरी, मंगलवार को राजिम के बोरसी धान खरीदी केंद्र पर ताला लगाकर, 6 गांव के किसानों ने जमकर हंगामा किया, केंद्र ने इस साल के लिए टार्गेट पूरा होने के बाद खरीदी बंद कर दी है। नाराज किसानों का दावा है कि अभी करीब 300 किसानों ने अपना धान नहीं बेचा है। 15 दिन से टोकन नहीं कटा है। सक्ती में भी धान से भरे ट्रेक्टर्स के साथ सैंकड़ों किसानों ने जमकर विरोध किया वजह, टोकन कटने के बावजूद धान में कटौती से किसान भड़के हुए हैं, विरोध देखते हुए प्रबंधन ने 60% धान खरीदी का मौखिक फरमान वापस ले लिया और केंद्र पर फिर से धान खरीदी शुरू हुई। वहीं केशकाल में भी किसानों ने विश्रामपुरी-केशकाल रोड पर चक्काजाम कर, सहकारी बैंक कर्मचारियों पर विड्रॉल फार्म ना देने के आरोप लगाया।

किसानों की नाराजगी और प्रदर्शन पर विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा। PCC चीफ दीपक बैज ने सरकार की नियत पर सवाल उठाए, मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल को पत्र लिखकर, धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग की है तो पूर्व PCC चीफ धनेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि टोकन से लेकर खरीदी केंद्रों हर दिन किसान परेशान रहा है।

विपक्ष की मांग पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी कहा कि किसानों की मांग का ध्यान रखना चाहिए। किसानों के प्रदर्शन और विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा, कि वो मुख्यमंत्री से मिलकर किसानों के हित में निर्णय लेंगे।

कुल मिलाकर ये सच है कि सैंकड़ों किसान अब भी धान नहीं बेच सके हैं। किसानों का गुस्सा टोकन से लेकर धान खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था के खिलाफ है। विपक्ष सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है, तो वहीं अधिकारियों का दावा है कि तय लक्ष्य और रकबे के मुताबिक खरीदी सही समय पर पूरी हो गई है। सवाल ये है कि क्या समय खरीदी का समय बढ़ेगा ? सवाल ये भी क्या केवल बढ़ने से किसानों को राहत मिल जाएगी?

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धान खरीदी की अंतिम तारीख क्या है?

2025-26 के लिए धान खरीदी की अंतिम तारीख 31 जनवरी तय की गई है।

किसानों का विरोध क्यों हो रहा है?

टोकन कटने के बावजूद खरीदी में कटौती, खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था और कई किसानों का धान न बिक पाने से नाराजगी है।

किन जिलों में विरोध हुआ है?

राजिम (बोरसी केंद्र), सक्ती और केशकाल में किसानों ने विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम किया।