Reported By: Saurabh Singh Parihar
,रायपुर: CG Dharma Swatantrata Kanoon छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का मामला लगातार बढ़ते ही जा रहा है। आए दिन अलग अलग इलाकों से धर्मांतरण का मामला सामने आ रहा है। अब इस पर रोकथाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। धर्मांतरण से जुड़े मामलों को नियंत्रित करने के लिए छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक अब कानून बन गया है। राज्यपाल रमेन डेका ने इस विधेयक पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं, जिसके बाद यह औपचारिक रूप से लागू हो गया है। अब बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर धर्म परिवर्तन कराने पर दोषियों को 7 से 10 साल तक की जेल और न्यूनतम 5 लाख रुपए जुर्माना देना होगा।
दरअसल, छत्तीसगढ़ में राज्य के कई आदिवासी और ग्रामीण इलाकों से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आईं कि लोगों को लालच, दबाव या धोखे के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे सामाजिक असंतोष लगातार बढ़ रहे हैं। पहले से मौजूद कानूनों में कई बार स्पष्टता या सख्ती की कमी महसूस की गई। विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से सख्त कानून की मांग की जा रही थी, जिसे देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया और अब इस कानून पर राज्यपाल ने हस्ताक्षर भी कर दिए हैं।
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CG Dharma Swatantrya Amendment Bill छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक 2026 एक प्रस्तावित कानून है। इसका उद्देश्य राज्य में जबरन या अवैध धर्म परिवर्तन पर रोक लगाना है। इस विधेयक को राज्य सरकार ने मंजूरी दी थी और आज इसे विधानसभा में पेश किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कानून लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लाया जा रहा है।
विधेयक के मुख्य नियम और दंड के तहत अवैध धर्मांतरण को बल, प्रलोभन, दबाव, कपट और डिजिटल माध्यम से परिभाषित किया गया है। विधेयक स्पष्ट करता है कि अपने पैतृक धर्म में वापसी को धर्मांतरण नहीं माना जाएगा। इस प्रकार का अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होगा, (CG Dharma Swatantrya Amendment Bill 2026) जिसकी सुनवाई विशेष न्यायालय में की जाएगी।
अवैध धर्मांतरण के लिए सजा और जुर्माने का प्रावधान इस प्रकार है: सामान्य अवैध धर्मांतरण के लिए 7 से 10 वर्ष की जेल और 25 लाख रुपये से अधिक जुर्माने का प्रावधान है।
नाबालिग, महिला, SC/ST/OBC के प्रति किए गए अपराध में 10 से 20 वर्ष की जेल और 10 लाख रुपये से अधिक जुर्माना तथा सामूहिक धर्मांतरण के मामले में 10 वर्ष से अधिक आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये से अधिक जुर्माना शामिल है।
स्वैच्छिक धर्मांतरण की प्रक्रिया में व्यक्ति द्वारा सूचना देना, (CG Dharma Swatantrya Amendment Bill 2026) जिला मजिस्ट्रेट को पूर्व सूचना देना और 30 दिनों तक सार्वजनिक सूचना देना शामिल है।