शह मात The Big Debate: सीएम के संदेश चार..संगठन को मिलेगी धार? साय के मंत्र पर विपक्ष ने कसा तंज, क्या अभी से चुनाव की तैयारियों में जुट गई है भाजपा?

Ads

Chhattisgarh BJP Meeting: News: रायपुर स्थित बीजेपी मुख्यालय में छत्तीसगढ़ बीजेपी की बड़ी बैठक हुई। बैठक में सीएम साय मौजूद रहे।

  •  
  • Publish Date - July 10, 2026 / 11:31 PM IST,
    Updated On - July 10, 2026 / 11:33 PM IST

Chhattisgarh BJP Meeting Today News/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • रायपुर स्थित बीजेपी मुख्यालय में छत्तीसगढ़ बीजेपी की बड़ी बैठक हुई।
  • बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पदाधिकारियों को जीत का मंत्र दिया।
  • बैठक में सीएम समेत छत्तीसगढ़ भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद थे।

Chhattisgarh BJP Meeting News: रायपुर: राजधानी रायपुर स्थित बीजेपी मुख्यालय में, छत्तीसगढ़ बीजेपी के 17 प्रकोष्ठ, जिलों के संयोजक-सहसंयोजकों की बैठक में प्रदेश के मुखिया यानि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पदाधिकारियों को पार्टी में जीत का मंत्र देते हुए कहा कि – पार्टी में कार्यकर्ता को 4 बातें करनी है।

CM साय के 4 मंत्र-

1- सिर पर बर्फ (शांत रहें कार्यकर्ता)
2- मुंह में शक्कर (सबसे मीठा बोलें )
3- पैरों में चक्र (प्रचार में पूरी मेहनत)
4- पार्टी के प्रति श्रद्धा (पार्टी में अनुशासन और सद्भाव)

बैठक में CM के अलावा, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टीजनों को बेहतर और तत्पर होने के टिप्स दिए। साथ ही उन्हें आगामी कार्यक्रमों के टार्गेट भी दिए गए।

इसी तरह की नसीहत कवर्धा में बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह भी दे चुके हैं। (Chhattisgarh BJP Meeting News) डॉ रमन ने दो टूक कहा के जितने पद थे, वो भर चुके अब रोना-धोना छोड़कर 2028 के लिए जुट जाएं, ताकि “लूट-खसोट वाली सरकार” दोबारा सत्ता में ना लौटे।

इधर, विपक्ष कह रहा है कि बीजेपी खेमे की हलचल अध्यक्ष और CM की नसीहत बता रही है कि पार्टी के भीतर नाराजगी और अंतर्कलह है। तंज कसा कि बीजेपी को समझ आने लगा है कि 2028 में जीतना मुश्किल है।

Chhattisgarh BJP Meeting News: साफ है कि बीजेपी मौजूदा स्थिति को भांप चुकी है। हालिया दौर में कुछ विवाद, घटनाओं को लेकर विपक्ष ने सरकार की शैली पर गंभीर सवाल उठा। दूसरी तरफ एल्डरमैन, निगम-मंडल-बोर्ड में नियुक्तियों के बाद छूटे नेताओं का असंतोष भी चर्चा में है। सवाल ये कि क्या ऐसे में अपने सीनियर नेताओं की नसीहत असर दिखा पाएगी? सवाल विपक्ष के लिए भी है क्या वो इस समय सरकार के विरुद्ध जमीन पर कोई माहौल बना पाएगी, या बीजेपी की रणनीति उसे फिर सत्ता से दूर रखेगी?

इन्हें भी पढ़ें:-