Reported By: hemant sharma
,रायपुर। Consumer Commission On E20 Car छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ई-20 (E20) पेट्रोल से कार खराब होने के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए वाहन निर्माता कंपनी और डीलर को उपभोक्ता को नई कार उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि संबंधित वाहन का इंजन ई-20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं था और यह वाहन निर्माता तथा डीलर की सेवा में कमी का मामला है।
Consumer Commission On E20 Car आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि यदि कंपनी निर्धारित अवधि में उपभोक्ता को नई कार उपलब्ध नहीं कराती है, तो उसे 20.50 लाख रुपये की राशि वापस करनी होगी। इसके अलावा मानसिक प्रताड़ना के लिए 1 लाख रुपये का मुआवजा तथा वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये का भुगतान भी करना होगा। इस प्रकार कंपनी पर कुल लगभग 21.60 लाख रुपये का भुगतान करने की जिम्मेदारी तय की गई है। आयोग ने आदेश के पालन के लिए 45 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की है। यदि इस अवधि में आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो संबंधित राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि वाहन का इंजन ई-20 पेट्रोल के अनुरूप नहीं था, जबकि वाहन के उपयोग के दौरान उत्पन्न तकनीकी खराबी के लिए उपभोक्ता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। आयोग ने इसे वाहन निर्माता कंपनी और डीलर की सेवा में कमी माना। उपभोक्ता अधिकारों के दृष्टिकोण से इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि ई-20 ईंधन से जुड़े विवादों में यह आदेश भविष्य में देशभर के उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है।