रायपुर, पांच अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने राज्य में कथित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं रायपुर के महापौर एजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर को गिरफ्तार कर लिया है।
उप निदेशक (अभियोजन) मिथलेश वर्मा ने बताया कि कारोबारी अनवर ढेबर को बृहस्पतिवार शाम हिरासत में लिया गया और शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (एसीबी/ईओडब्ल्यू) निधि शर्मा की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें आठ अप्रैल तक एसीबी/ईओडब्ल्यू की हिरासत में भेज दिया है।
वर्मा ने बताया कि एसीबी/ईओडब्ल्यू ने 15 अप्रैल तक ढेबर की हिरासत मांगी थी लेकिन विशेष अदालत ने आठ अप्रैल तक उसकी हिरासत मंजूर कर ली।
उन्होंने बताया कि विशेष न्यायाधीश ने एसीबी/ईओडब्ल्यू को हिरासत के दौरान उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।
शराब घोटाला मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा यह दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले बृहस्पतिवार को मामले में एक अन्य आरोपी अरविंद सिंह को गिरफ्तार किया गया था।
प्रवर्तन निदेशालय की एक रिपोर्ट के आधार पर कथित शराब घोटाले मामले में एसीबी/ईओडब्ल्यू ने जनवरी 2024 में प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी में कांग्रेस के कई नेताओं, कारोबारियों समेत 70 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
इस मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व में दावा किया था कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने निजी और प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ मिलकर राज्य सरकार को नुकसान पहुंचाने और शराब के कारोबार में अपने लिए अवैध लाभ कमाने के वास्ते आपराधिक कृत्य किया था।
ईडी ने कहा था कि उसकी जांच से पता चला है कि छत्तीसगढ़ में एक आपराधिक सिंडिकेट काम कर रहा था, जो शराब की बिक्री में अवैध कमीशन वसूल रहा था और सरकारी शराब की दुकानों के माध्यम से बेहिसाब शराब की अनधिकृत बिक्री में भी शामिल था।
पिछले वर्ष जुलाई में ईडी ने रायपुर की एक धन-शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में कथित शराब घोटाला मामले में आरोपपत्र दायर किया था। जिसमें दावा किया गया था कि 2019 में शुरू हुए कथित ‘शराब घोटाले’ में 2,161 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ।
ईडी ने पिछले साल मई में ढेबर को गिरफ्तार किया था। धन शोधन मामले में उन्हें अक्टूबर 2023 में उच्चतम न्यायालय ने अंतरिम जमानत दे दी थी।
भाषा संजीव खारी
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