Chhattisgarh News. Image Source- IBC24
रायपुरः Chhattisgarh News साल 2025-26 के लिए 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के ढाई महीने में शायद ही ऐसा कोई दिन हो जब धान खरीदी केंद्रों पर किसानों के जूझने की कोई तस्वीर ना दिखी हो। पहले एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन, फिर ऑनलाइन-ऑफलाइन टोकन का टंटा। केंद्रों पर लिमिट की किलकिल और अब अव्यवस्थाओं के खिलाफ आक्रोश। सबसे दुखद बात ये कि बीते 4-5 हफ्तों में 5 किसानों ने जान देने की कोशिश की। हर बार सिस्टम संभालने वाले अफसरों ने आत्महत्या के प्रयास को धान खरीदी से जोडे़ जाने के आरोप को खारिज किया और अन्य कारण गिनाए। विपक्ष ने आरोप लगाए, सत्ता पक्ष ने दावे दोहराए। सवाल ये कि अगर इतनी संवेदनशीलता और तत्परता है तो फिर आत्महत्या जैसा कदम क्यों?
2025-26 के धान खरीदी सीजन में किसानों का जान देने की कोशिश के अब तक 5 मामले सामने आ चुके हैं। सभी मामलों में किसानों और उनके परिजनों का आरोप है कि धान बेचने में हो रही, परेशानी के चलते किसानों ने आत्महत्या का प्रयास किया। 29 जनवरी, को एक बार फिर जांजगीर में एक किसान ने खुदकुशी की कोशिश की। जहर पीने से पहले बनाए गए वीडियो किसान ने कहा कि धान बेचने 1 महीने से चक्कर लगाकर परेशान हैं, लेकिन टोकन नहीं कटा। किसान की खुदकुशी के मुद्दे पर एक बार फिर सियासी फिजा गरमा गई है। कांग्रेस ने जहां सरकार को घेरा है। वहीं, बीजेपी ने पलटवार किया। किसानों को लेकर सत्ता पक्ष के दावों के बीच विपक्ष ने ऐलान किया है कि 30 जनवरी को पूरे प्रदेश में कांग्रेसी किसानों की समस्या पर सरकार को जगाने चक्काजाम करेंगे, जिस पर बीजेपी ने भी काउंटर किया।
Chhattisgarh News धान खरीदी को अब सिर्फ 2 दिन बचे हैं। शुरुआत से अब तक विपक्ष के आरोपों के बीच किसान आत्महत्या के लगातार आते मामले कई सवालों को जन्म देते है.. मगर सियासत और आरोपों के इतर सवाल उठता है कि क्या 31 जनवरी तक सभी किसान अपना धान बेंच पाएंगे या खरीदी की मियाद बढ़ाई जाएगी? क्या विपक्ष जानबूझकर सियासी मुद्दा बना रहा है?