Sushasan Tihar 2026: कार्यों के औचक निरीक्षण के लिए सीधे आपके जिले में पहुंचेंगे सीएम साय, लेंगे बड़े अफसरों की बैठक, प्रदेश में इतने दिनों तक चलेगा सुशासन तिहार

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  • Publish Date - April 15, 2026 / 09:11 PM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 09:11 PM IST

रायपुर: Sushasan Tihar 2026: छत्तीसगढ़ सरकार की ओर आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से इस वर्ष भी “सुशासन तिहार 2026” के आयोजन व्यापक पैमाने पर किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर इस अभियान सफल आयोजन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि जन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुशासन की आधारशिला है तथा आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। गत वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष इसे और अधिक व्यापक रूप में संचालित किया जाएगा।

30 अप्रैल तक लंबित प्रकरणों के निराकरण के निर्देश

Sushasan Tihar 2026: मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि 30 अप्रैल 2026 तक जिले में लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष अभियान चलाया जाए। इसके अंतर्गत भूमि संबंधी प्रकरण जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, मनरेगा अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान, हितग्राहीमूलक योजनाओं के लंबित भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली एवं ट्रांसफार्मर संबंधी समस्याएं तथा हैंडपंप सुधार जैसे मुद्दों का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

01 मई से 10 जून तक लगेंगे जन समस्या निवारण शिविर

सुशासन तिहार के अंतर्गत 01 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में शासन की विभिन्न योजनाओं के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा तथा पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ वितरण किया जाएगा। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण, मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में शामिल होकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और आमजन से संवाद स्थापित करेंगे।

मुख्यमंत्री करेंगे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण एवं समीक्षा बैठकें

अभियान के दौरान मुख्यमंत्री साय स्वयं विभिन्न जिलों में पहुंचकर विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण करेंगे तथा हितग्राहियों से फीडबैक लेंगे। इसके साथ ही जिला मुख्यालयों पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री द्वारा निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक के उपरांत प्रेसवार्ता को संबोधित किया जाएगा तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से भेंट कर सुझाव प्राप्त किए जाएंगे।

जनभागीदारी के लिए व्यापक प्रचार

जनसम्पर्क विभाग एवं जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि सुशासन तिहार के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाकर विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस अभियान से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से अपेक्षा की है कि वे आवश्यक अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करते हुए इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दें और अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करें, जिससे प्रदेश के आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।

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