कांग्रेस ने आदिवासियों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया : विष्णु देव साय

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कांग्रेस ने आदिवासियों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया : विष्णु देव साय

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  • Publish Date - August 27, 2026 / 12:50 AM IST,
    Updated On - August 27, 2026 / 12:50 AM IST

रायपुर, 26 अगस्त (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को कांग्रेस पर आदिवासी समुदाय को ‘‘वोट बैंक’’ के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने आदिवासियों के कल्याण और विकास को वास्तविक रूप से प्राथमिकता दी है।

साय ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी ने जनजातीय समाज को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। अगर वास्तव में किसी ने जनजातीय समाज की चिंता की है, तो वह भाजपा की सरकार ने की है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी जब प्रधानमंत्री थे, तब उन्होंने भारत सरकार में अनुसूचित जनजाति के लोगों के समुचित विकास के लिए अलग से मंत्रालय का गठन किया, जबकि कांग्रेस यह काम पहले भी कर सकती थी। वर्षों तक सरकार में रहने के बावजूद कांग्रेस ने अनुसूचित जनजाति के लोगों को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समुदाय को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए संचालित ‘पीएम-जनमन’ योजना का उल्लेख किया।

इस बीच, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने बुधवार को अपने रायपुर प्रवास के दौरान राज्य में कथित तौर पर आदिवासी दिवस नहीं मनाए जाने को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की।

कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में आयोजित आदिवासी कांग्रेस कार्यकारिणी समिति और आदिवासी सलाहकार परिषद की बैठक में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री साय लंबे समय से राजनीति में हैं और उन्हें आदिवासी समाज से लगातार सहयोग और समर्थन मिलता रहा है, लेकिन साय ने ‘‘आदिवासी समाज के अस्तित्व को ही नकार दिया’’ और आदिवासी दिवस पर उन्हें बधाई तक नहीं दी।

उन्होंने कहा कि इसके लिए साय को आदिवासी समाज से माफी मांगनी चाहिए।

आरक्षण की वकालत करते हुए भूरिया ने कहा कि जब तक समाज में समानता नहीं आती, तब तक देश की एकता बनाए रखने के लिए आरक्षण आवश्यक है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘बार-बार आरक्षण की बात उठाई जाती है। सबसे पहले यह समझना होगा कि आरक्षण किसे मिला था। आरक्षण उन्हें मिला था, जिनके साथ ऐतिहासिक अन्याय हुआ था। उनके साथ कहीं न कहीं जातिगत भेदभाव हुआ है, जो आज भी मानसिकता में मौजूद है। जब तक वह पूरी तरह खत्म नहीं होगा, तब तक आप आरक्षण नहीं हटा सकते। जब तक सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और मानसिक रूप से समानता नहीं आती, तब तक आरक्षण अनिवार्य है। देश की एकता बनाए रखने के लिए यह बहुत जरूरी है।’’

भाषा

संजीव रवि कांत