रायपुर, 17 अगस्त (भाषा) छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में पुलिस ने कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और अन्य के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अजय चंद्राकर का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर उसे स्वतंत्रता दिवस की घटना के तौर पर पेश करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक की शिकायत पर यहां सिविल लाइंस थाने में ‘शून्य प्राथमिकी’ दर्ज की गई। बाद में मामले को आगे की जांच के लिए धमतरी सिटी कोतवाली थाने भेज दिया गया, क्योंकि इसी मामले से संबंधित एक प्राथमिकी वहां पहले से ही दर्ज है।
उन्होंने बताया कि प्राथमिकी में कांग्रेस की सोशल मीडिया एवं डिजिटल मंच की अध्यक्ष श्रीनेत, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर और ‘एक्स’ खाते ‘जेन जी ऑफ इंडिया’ का नाम शामिल है।
शिकायत के अनुसार, धमतरी जिले के कुरुद कस्बे में 22 मार्च 2026 को आयोजित भाजपा के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम की तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दृश्यों के रूप में पेश किया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन पोस्ट के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई कि भाजपा के प्रतिनिधियों ने स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज के बजाय पार्टी का झंडा फहराया था।
शिकायतकर्ता ने संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, तस्वीरों, संदेश, टिप्पणियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनके मूल स्रोत, अपलोड किए जाने की तारीख, स्थान और तकनीकी विवरण की जांच की मांग की है।
पुलिस ने बताया कि मामला भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
श्रीनेत ने 15 अगस्त की रात ‘एक्स’ पर पोस्ट में एक वीडियो साझा किया था, जिसमें चंद्राकर और अन्य लोग कुरुद में भाजपा का झंडा फहराते दिखाई दे रहे थे। उन्होंने दावा किया था कि यह घटना स्वतंत्रता दिवस के दौरान की है।
उन्होंने लिखा था, “यह वीडियो छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का है। स्वतंत्रता दिवस पर भाजपा सदस्य तिरंगे के बजाय भाजपा का झंडा फहरा रहे हैं। 53 साल तक उनके पूर्वजों ने तिरंगे का बहिष्कार किया और आज भी वे राष्ट्रीय ध्वज का अनादर करने से बाज नहीं आते।”
वहीं, चंद्राकर ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए इस आरोप को खारिज किया था।
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को धमतरी जिला मुख्यालय के एकलव्य खेल मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगे को सलामी दी थी।
चंद्राकर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे समय में, जब पूरा देश तिरंगे के सम्मान में एकजुट है, पुराने वीडियो को उसके मूल संदर्भ से हटाकर पेश कर भ्रम फैलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “स्वतंत्रता दिवस समारोह के तौर पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो वास्तव में 22 मार्च को आयोजित भाजपा के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का है।’’
पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि भाजपा की धमतरी इकाई ने इस मामले में पहले धमतरी सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
भाषा संजीव
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