‘गुलाब’ से गुलाल.. बीजेपी हुई लाल! क्या फूल और गुलाल के नाम पर धर्म की राजनीति हो रही?

‘गुलाब’ से गुलाल.. बीजेपी हुई लाल! क्या फूल और गुलाल के नाम पर धर्म की राजनीति हो रही?

‘गुलाब’ से गुलाल.. बीजेपी हुई लाल! क्या फूल और गुलाल के नाम पर धर्म की राजनीति हो रही?
Modified Date: March 1, 2023 / 12:56 am IST
Published Date: March 1, 2023 12:56 am IST

रायपुरः 6000 किलो गुलाब की पंखुड़ियों को रायपुर की सड़कों पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के स्वागत के लिए बिछाया गया था। अब इन पंखुड़ियों से हर्बल गुलाल बनाया जा रहा है। होली नजदीक है और त्योहार में गुलाल देवी-देवताओं को अर्पित कर माथे पर लगाया जाता है। ऐसे में पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने इसे सनातन धर्म का अपमान बताया और कांग्रेस को धर्म विरोधी करार दिया।

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बीजेपी के इस रुख पर कांग्रेस ने ऐतराज जताया और कहा कि भाजपाइयों को प्रियंका गांधी का भव्य स्वागत करना सहन नहीं हो रहा। कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे ने इस विषय पर राजनीति का आरोप भी लगाया है।

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बहरहाल, राजनीति से इतर सवाल ये है कि सैकड़ों लोगों के पैरों तले रौंदे गए गुलाब से गुलाल बनाया क्यों जा रहा है। जब जमीन पर गिरे फूलों को देवी-देवताओं पर नहीं चढ़ाया जाता तो आखिर पैरों तले रौंदे गए फूलों के गुलाल का इस्तेमाल कैसे सही मान सकते हैं। एक तरफ आस्था है तो दूसरी तरफ सियासी तर्क-वितर्क, जवाब आप खुद तलाशिए।

 


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।