LPG Cylinder Price CG: छत्तीसगढ़ के होटल और ढाबा संचालकों को बड़ा झटका, एक ही बार में इतने रुपए महंगा हुआ सिलेंडर, जानें आम जनता पर क्या पड़ेगा असर

LPG Cylinder Price CG: छत्तीसगढ़ के होटल और ढाबों संचालकों को बड़ा झटका, एक ही बार में इतने रुपए महंगा हुआ सिलेंडर, जानें आम जनता पर क्या पड़ेगा असर

LPG Cylinder Price CG: छत्तीसगढ़ के होटल और ढाबा संचालकों को बड़ा झटका, एक ही बार में इतने रुपए महंगा हुआ सिलेंडर, जानें आम जनता पर क्या पड़ेगा असर

LPG Cylinder Price CG | Photo Credit: IBC24

Modified Date: May 1, 2026 / 08:03 am IST
Published Date: May 1, 2026 8:03 am IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर ₹993 महंगा होकर ₹3000 के पार
  • होटल और रेस्तरां संचालकों पर बढ़ती लागत का सीधा असर
  • घरेलू सिलेंडर के दुरुपयोग और कालाबाजारी की आशंका बढ़ी

रायपुर: LPG Cylinder Price CG मई महीने की पहली तारीख ही छत्तीसगढ़ के होटल और रेस्तरां संचालकों के लिए ‘महंगाई का झटका’ लेकर आई है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में ₹993 की भारी बढ़ोतरी के साथ, अब बाहर खाना-पीना महंगा होने वाला है। लागत बढ़ने से जहाँ मीनू कार्ड बदलने की तैयारी है, वहीं घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। (LPG Cylinder Price)

LPG Cylinder Price Today CG मई की तपती गर्मी के बीच अब रसोई की आग भी महंगी हो गई है। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपए की ऐतिहासिक वृद्धि की है। छत्तीसगढ़ में अब एक कमर्शियल सिलेंडर ₹3000 के आंकड़े को पार कर गया है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, कैफे और ढाबों पर पड़ेगा, जहाँ अब लागत निकालना मुश्किल होता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल ‘थाली’ महंगी होगी, बल्कि कई छोटे होटल संचालकों को अपने ‘मीनू’ में कटौती करनी पड़ सकती है।

महंगाई की यह मार सिर्फ बड़े होटल, रेस्टारेंट या कैफे तक सीमित नहीं है। शहर के चौक-चौराहों पर छोटे टी-स्टॉल और नाश्ता सेंटर चलाने वाले दुकानदार सबसे ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि उनके लिए लगभग 1000 रुपए की बढ़ोतरी का मतलब है पूरे दिन की कमाई का खत्म हो जाना है ।

घरेलू लाल सिलेंडर और कमर्शियल नीले सिलेंडर की किमतों में भारी अंतर के कारण अब कालाबाजारी और घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग की आशंका गहरा गई है। कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से लोग चोरी-छिपे 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडरों का उपयोग होटलों में कर सकते हैं। हालांकि प्रशासन ने सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसे रोकना एक बड़ी चुनौती होगी।

कुल मिलाकर स्थिति यह है कि जनता के लिए यह राहत ‘आधी-अधूरी’ है। घर का चूल्हा तो उसी दाम पर जलेगा, लेकिन बाहर की ‘थाली’ अब आम आदमी की पहुँच से दूर होती दिख रही है। होटल संचालकों ने साफ कर दिया है कि अगर कीमतें कम नहीं हुईं, तो मीनू कार्ड का बदलना तय है। अब देखना होगा कि तेल कंपनियों का यह फैसला छत्तीसगढ़ के स्वाद पर कितना भारी पड़ता है।

इन्हें भी पढ़ें:-


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 8 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।