Home » Chhattisgarh » Manendragarh New Forest Division, Reorganization of Korea forest division area was done
Manendragarh New Forest Division: मनेन्द्रगढ़ बना वनमंडल क्षेत्र.. सरकार ने किया कोरिया फारेस्ट डिवीजन का पुनर्गठन, जानें कितने सब डिवीजन
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इन बदलाव के साथ, नए भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की तैनाती भी की जाएगी, जो वन विभाग की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता को बढ़ाने में सहायक होंगे। यह कदम वन्यजीव संरक्षण और वन प्रबंधन के क्षेत्र में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Manendragarh New Forest Division : रायपुर: प्रदेश सरकार ने वन विभाग में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मनेंद्रगढ़ में एक नए वनमंडल की स्थापना की है। इस नवीन वनमंडल के अंतर्गत तीन उप-वनमंडल शामिल होंगे, जो क्षेत्र की वन संपदा के संरक्षण और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बता दें कि, राजस्य शासन ने कोरिया वनमंडल का पुनर्गठन किया है, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा, वनोपज संग्रहण और वन संरक्षण के प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। यह निर्णय राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है।
Manendragarh New Forest Division : इन बदलाव के साथ, नए भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की तैनाती भी की जाएगी, जो वन विभाग की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता को बढ़ाने में सहायक होंगे। यह कदम वन्यजीव संरक्षण और वन प्रबंधन के क्षेत्र में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
1. मनेंद्रगढ़ में नए वनमंडल की स्थापना क्यों की गई है?
मनेंद्रगढ़ में नए वनमंडल की स्थापना क्षेत्र की वन संपदा के बेहतर संरक्षण, प्रबंधन और वन्यजीव सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
2. नए वनमंडल के अंतर्गत कितने उप-वनमंडल शामिल होंगे?
इस नवीन वनमंडल के अंतर्गत तीन उप-वनमंडल होंगे, जो वन संरक्षण और वन प्रबंधन में सहायता करेंगे।
3. कोरिया वनमंडल का पुनर्गठन क्यों किया गया है?
कोरिया वनमंडल के पुनर्गठन का उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा को मजबूत करना, वनोपज संग्रहण को व्यवस्थित करना और वन संरक्षण के प्रयासों को प्रभावी बनाना है।
4. क्या इस निर्णय को आधिकारिक रूप से मंजूरी दी गई है?
हाँ, इस निर्णय को राजपत्र में प्रकाशित किया गया है, जिससे इसकी आधिकारिक पुष्टि होती है।
5. क्या नए IFS अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी?
हाँ, इन परिवर्तनों के साथ नए भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की तैनाती भी की जाएगी, जिससे वन विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी।