Bilaspur News : शनिवार को विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने बिलासपुर पहुंचे छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल छत्तीसगढ़ भवन में ठहरे हुए थे। इसी दौरान छत्तीसगढ़ भवन में राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव की भी मौजूदगी रही। राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब राजेश अग्रवाल को सिंहदेव के वहां होने की जानकारी मिली। बताया जाता है कि राजेश अग्रवाल पूर्व में टी.एस. सिंहदेव के करीबी सहयोगी रह चुके हैं।
राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बाद दोनों अलग-अलग खेमों में जरूर दिखाई दिए, लेकिन व्यक्तिगत संबंधों की झलक इस मुलाकात में साफ नजर आई। (Minister Rajesh Agrawal met TS SinghDeo)जानकारी मिलते ही पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल स्वयं टी.एस. सिंहदेव से मिलने उनके पास पहुंचे और उनसे आशीर्वाद लिया। (Bilaspur News) इस अवसर पर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला भी उनके साथ मौजूद रहे।
दोनों वरिष्ठ नेताओं की यह मुलाकात भले ही शिष्टाचार भेंट बताई जा रही हो, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। एक ही स्थान पर दोनों नेताओं की मौजूदगी और आत्मीय मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी है। (Minister Rajesh Agrawal met TS SinghDeo) आने वाले समय में इस मुलाकात का क्या राजनीतिक असर होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन और धार्मिक स्थलों को बेहतर तरीके से विकसित करने के लिए सरकार सुनियोजित रणनीति पर काम कर रही है। (Minister Rajesh Agrawal in Bilaspur) वर्तमान में रायपुर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और इसके बाद बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग में पर्यटन विकास को लेकर नई दिशा में काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिस तरह से सिरपुर, भोरमदेव और बस्तर क्षेत्र में पर्यटन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं, उसी तर्ज पर आने वाले समय में बिलासपुर के रतनपुर को भी एक पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।
वहीं सोमनाथ मंदिर निर्माण के 100 वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर आज शहर के गंगा नगर स्थित शिव मंदिर में भव्य रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में छत्तीसगढ़ शासन में मंत्री राजेश अग्रवाल तथा बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी कार्यक्रम में शामिल हुए और पूरे विधि-विधान के साथ भगवान शिव की आराधना की। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया।