शह मात The Big Debate: अर्बन नेटवर्क का खेल.. रायपुर में स्लीपर सेल! डीडी नगर इलाके से पकड़े गए नक्सल दंपति, इस गंभीर चूक पर आखिर अफसर क्यों हैं मौन?

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अर्बन नेटवर्क का खेल.. रायपुर में स्लीपर सेल! डीडी नगर इलाके से पकड़े गए नक्सल दंपति! Naxal couple arrested from DD Nagar area of ​​Raipur

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  • Publish Date - September 26, 2025 / 11:56 PM IST,
    Updated On - September 27, 2025 / 12:12 AM IST

रायपुरः नक्सल सफाये का संकल्प लिए फोर्सेज ताबड़तोड़ एक्शन में हैं, लेकिन अब नक्सलियों की शहर में राजधानी के भीतर मौजूदगी ने सबसे कान खड़े कर दिए हैं। सबसे हैरान करने वाली बात ये कि शहर में नाम-पहचान बदलकर छिपे नक्सली, अफसरों की घरों तक पहुंच बना लेते हैं लेकिन फिर भी वो सालों तक पकड़ में नहीं आते। ऐसे में पहचान के फर्जी कागजों का वैरिफिकेकशन ना होने पर, किराएदारों की तस्दीक की मुहिम पर सवाल उठा है। विपक्ष सरकार पर गंभीर आरोपों के साथ हमलावर है तो सत्तापक्ष सफाई से आरोपों का मुंह विपक्ष की तरफ मोड़ता है।

दरअसल रायपुर के DD नगर थाना क्षेत्र के चंगोराभाठा में पुलिस ने नक्सल दंपति को गिरफ्तार किया। इनके नक्सलियों का नाम जग्गू कुरसम और कमला कुरसम है। SIB टीम पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार नक्सली बीजापुर के गंगालूर के रहने वाले हैं। हैरत की बात ये कि रमेश कुरसम उर्फ जग्गू सालों से अफसरों के घर गार्ड-ड्राइवर का काम करता रहा। दोनों इलाज ने बहाने किराए का मकान बदल-बदल रह रहे थे। राजधानी से नक्सल दंपती के पकड़ में आने के बाद पक्ष-विपक्ष में नक्सलियों का हिमायती कौन इस पर जबरदस्त बहस छिड़ गई। PCC चीफ दीपक बैज ने इसे सीधे-सीधे राज्य सरकार का इंटेलिजेंस फेलियर बताया। आरोप लगाया कि बीजेपी नक्सलियों को इनडायरेक्ट मदद करती है। पलटवार में सत्ता पक्ष के मंत्री और विधायकों ने- कांग्रेस के स्टेटमेंट को नक्सलियों की तरह बताया। दावा किया कि पूछताछ के बाद बड़े शहरी नेटवर्क का खुलासा होगा।

वैसे ये पहली बार नहीं है जब नक्सलियों के शहरी नेटवर्क का पता चला हो, लेकिन राजधानी में नक्सल दंपती की मौजूदगी और तो और किसी नक्सली का पहचान बदलकर अफसरों के घर पर काम करना हैरान करता है। सवाल उठ रहा है पुलिसिया तंत्र के अनाम-संदिग्ध किराएदारों पर लगाम कसने की मुहिम पर। सवाल है इंटेलिजेंस फेलुअर पर और सवाल है इस गंभीर चूक पर अफसरों के मौन पर?