भोपालः उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्टूडेंट्स पेपर लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अब देहरादून के इस मामले के चलते एमपी में सियासत गरमा गई है। दरअसल, एमपी के पूर्व सीएम और कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह ने प्रदर्शन के वीडियो को फेसबुक में पोस्ट करते हुए लिखा कि सरकार हिंदू धर्म के नाम पर हमें बेवकूफ बना रही है, लेकिन हम बेवकूफ नहीं बनेंगे। देश का युवा जागरुक है। उल्लू बनाने वालों की दुकान पर ताला जड़ देगा। इस वीडियो में एक छात्रा ये कहते हुए नजर आ रही है कि-जिस दिन युवाओं ने नेपाल जैसी हालत कर दी। मौसम खराब रहा तो ये भाग भी नहीं पाएंगे।
नेपाल में तो हेलीकॉप्टर से नेताओं को उठाया गया था, लेकिन यहां ये जिंदा जलाए जाएंगे। बीजेपी के फायर ब्रांड नेता विधायक रामेश्वर शर्मा ने दिग्विजय सिंह की इस पोस्ट पर तीखी आपत्ति जताई और सीधा आरोप मढ़ दिया कि- राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह युवाओं को भड़का रहे हैं। देश में आग लगाना चाहते हैं और कांग्रेस जिन्ना के पद चिन्हों पर चल रही है, लेकिन युवा इनके मंसूबों पर पानी फेर देंगें।
रामेश्वर शर्मा ने जहां कांग्रेस पर संगीन आरोप मढ़े तो कांग्रेस दिग्विजय सिंह का समर्थन करती नजर आई और साफ-साफ कहा कि- केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार है, अपनी जिम्मेदारी से मत भागिए। कुलमिलाकर बांग्लादेश और नेपाल में हुई हिंसा के बाद जिस तरह से कांग्रेस के नेता GEN-Z के नाम पर लगातार युवाओं को एड्रेस कर रहे हैं। उससे ये सवाल उठने लगे हैं कि आखिर कांग्रेस का मकसद क्या है? दिग्विजय सिंह ने आखिर किस सोच के साथ विवादित पोस्ट की? क्या दिग्विजय सिंह उकसावे की आग में घी डालना चाहते हैं? और सवाल ये भी कि-अराजक भीड़ का महिमा मंडन क्या देश के खिलाफ नहीं है? क्या गृहयुद्ध का ख्वाब देखने वाले भारत के हितैषी हो सकते हैं? और सबसे बड़ा सवाल ये कि- मोदी विरोध में विपक्षी देश विरोधी क्यों दिख रहे हैं?