1 दिसंबर से होगी समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी, सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान परिवहन पर रहेगी कड़ी नजर

Paddy will be procured on support price from December 1

  •  
  • Publish Date - November 2, 2021 / 04:53 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:59 PM IST

रायपुर। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने आज अपने निवास कार्यालय सरगुजा कुटीर में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप इस वर्ष एक दिसम्बर से समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीदी की जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में पहला राज्य है, जहां राज्य सरकार द्वारा किसानों से वाजिब कीमतों में धान की खरीदी की जा रही है।

पढ़ें- प.बंगाल उपचुनाव: तृणमूल ने गोसाबा, दिनहाटा और खरदाह विस सीटें जीतीं, शांतिपुर में बड़ी बढ़त

प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों से होने वाले अन्य राज्यों से अवैध धान परिवहन की शिकायतें मिलती हैं। अतः अभी से सीमावर्ती इलाकों में इसके लिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित कर लिया जाए, ताकि किसी भी स्थिति में दूसरे राज्यों से अवैध धान का परिवहन न हो पाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 105 लाख मेट्रिक टन धान खरीदी का अनुमान है। किसानों से सुगम धान खरीदी के लिए पर्याप्त बारदाना उपलब्ध होना चाहिए। धान खरीदी से पहले बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए।

पढ़ें- छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना: 2373 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप मेें 1.65 करोड़ रूपए से अधिक राशि का भुगतान 

खाद्य मंत्री भगत ने धान खरीदी के लिए सहकारी समितियों की स्थिति का भी समीक्ष की। उन्होंने राज्य स्तर के अधिकारियों द्वारा धान खरीदी के 15 दिन पहले संभाग मुख्यालय में जाकर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में धान बेचने आने वाले किसानों के लिए पानी, बिजली व बैठने आदि की व्यवस्था भी दुरूस्त कर लिया जाए।

पढ़ें –पकड़ में आ गई प्लंबर की शर्मनाक हरकत, बाथरूम में लगा देता था कैमरा, महिलाओं की 300 से ज्यादा अश्लील तस्वीरें और वीडियो बरामद 

प्राथमिक उपचार पेटी की व्यवस्था भी हो। खरीदी केन्द्रों में कम्प्यूटर ऑपरेटर, इंटरनेट एवं कर्मचारियों की भी व्यवस्था कर ली जाए। आस-पास के धान संग्रहण केन्द्रों की जानकारी होना चाहिए। धान खरीदी केन्द्रों के देखरेख के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो। गड़बड़ी अथवा लापरवाही के लिए नोडल अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।

पढ़ें- दिवाली पर पुलिसकर्मियों को मिला प्रमोशन का तोहफा, 4 हजार पुलिसकर्मी किए गए पदोन्नत.. देखिए

बैठक में अधिकारियों ने मंत्री भगत को बताया कि प्रदेश में लगभग 2311 से अधिक सहकारी समिति केन्द्रों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर किसानों से 105 लाख मेट्रिक टन धान खरीदने का अनुमान है। इस वर्ष 1.13 लाख नए किसानों ने पंजीयन कराया है। अभी तक धान विक्रय के लिए पंजीकृत किसानों की संख्या 22 लाख 66 हजार से अधिक हो गए हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा अनुरूप नए किसानों के लिए पंजीयन की तिथि 10 नवम्बर तक बढ़ा दी गई है।