23 की दौड़.. श्रेय लेने की होड़! 12 जातियों को ST में शामिल करने के फैसले के बाद भाजपा और कांग्रेस में श्रेय को लेकर गरमाई सियासत

Ads

23 की दौड़.. श्रेय लेने की होड़! Politics heats up for credit in BJP and Congress for inclusion of 12 castes in ST

  •  
  • Publish Date - September 15, 2022 / 11:49 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:53 PM IST

रायपुरः कल मोदी कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला करते हुए प्रदेश के 12 समुदायों को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल कर दिया। जिसकी लंबे समय से मांग की जाती रही। दरअसल, मात्रात्मक त्रुटियों की वजह से कई जातियां अब तक इस सूचि से बाहर थीं। जिससे उन्हें ST वर्ग को मिलने वाले लाभ से वंचित रहना पड़ता था। अब जैसे ही मांग पूरी हुई है भाजपा ने इसे केंद्र और अपनी उपब्धि बताया है तो कांग्रेस ने कहा कि ये उनकी प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री जी के पत्रों में किए गए आग्रह के बाद संभव हो पाया है। यानि इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस में श्रेय को लेकर सियासत गर्मा गई है। आदिवासियों का सच्चा हितैषी कौन आखिर इस मुद्दे पर बार-बार क्यों बहस छिड़ जाती है?

Read more : पांच सूत्रीय मांगों को लेकर किया चक्काजाम, जानें क्या है माजरा

छत्तीसगढ़ के 12 समुदायों को केंद्रीय कैबिनेट ने ST वर्ग यानि अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल कर दिया। जिस पर प्रदेश की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है। ये मांग काफी लंबी वक्त से की जाती रही है। जो अब पूरी हो पाई है। फैसला आते ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी लाभान्वित होने वाले समुदायों को बधाई दी और PM को धन्यवाद दिया। वहीं वर्षों पुरानी इस मांग के पूरा होते ही इस पर श्रेय की सियासी होड़ भी दिखाई दी। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने ट्वीट कर कहा कि मैने इस बारे में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा को पत्र लिखा था। भाजपा ने कहा कि केंद्र में यूपीए की सरकार रहते हुए भी कांग्रेस कभी ये काम करवा नहीं पाई।

Read more : हुक्का बार की आड़ में लड़कियाें के साथ हो रहा था ये घिनौना काम, तभी आ धमकी पुलिस, रंगेहाथ पकड़ाएं 6 लोग 

इस पर पलटवार करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 15 साल तक सत्ता में रहे रमन सिंह,इन समुदायों की मात्रात्मक त्रुटि तक को दूर नहीं कर पाए। प्रदेश सरकार ने जब इस बावत पत्र लिखा तब इस पर केंद्र का ध्यान गया। वार-पलटवार का ये सिलसिला सोशल मीडिया पर अब और तेज हो गया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के लिखे पत्र को ट्वीट कर भाजपा को आईना दिखाते हुए दावा किया कि प्रदेश के मुखिया ने 11 फरवरी 2021 को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर प्रदेश की 12 जातियों को ST वर्ग की सूचि में शामिल करने का आग्रह किया था।

Read more : चावल के एक्सपोर्ट पर भारत ने लगाई रोक! दुनियाभर में मची खलबली, विश्वभर में गहरा सकता है खाद्य संकट 

दरअसल, प्रदेश में 29 आदिवासी सीटें हैं जिनमें से मौजूदा वक्त में 27 सीटें कांग्रेस के पास हैं। जबकि भाजपा के पास मात्र 2 सीटें हैं। ऐसे में 2023 री तैयारी में जुटे दोनों पक्ष, आदिवासियों का हितैषी होने का दावा छोड़ने को तैयार नहीं है। यानि ये बहस थमने वाली नहीं है।