Chhattisgarh Afeem ki Kheti: अनाज पैदा करने वाले किसान क्यों उगा रहे नशे की फसल? छत्तीसगढ़ में एक और जगह हो रही अफीम की खेती, मामला सामने आते ही मचा हड़कंप

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Chhattisgarh Afeem ki Kheti: अनाज पैदा करने वाले किसान क्यों उगा रहे नशे की फसल? छत्तीसगढ़ में एक और जगह हो रही अफीम की खेती, मामला सामने आते ही मचा हड़कंप

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 10:25 AM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 10:25 AM IST

Chhattisgarh Afeem ki Kheti: अनाज पैदा करने वाले किसान क्यों उगा रहे नशे की फसल? छत्तीसगढ़ में एक और जगह हो रही अफीम की खेती / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ में एक और जगह हो रही अफीम की खेती
  • मामला सामने आते ही मचा हड़कंप
  • रायगढ़ जिले में दूसरा मामला आया सामने

लैलूंगा: Chhattisgarh Afeem ki Kheti धान का कटोरा कहे जाने वाला छत्तीसगढ़ इन दिनों अफीम की खेती को लेकर बेहद सुर्खियों में बना हुआ है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आ रहा है। इसी कड़ी में खबर आ रही रायगढ़ जिले के लैलूंगा में भी अफीम की खेती किए जाने की जानकारी मिली है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम लैलूंगा के लिए रवाना हो चुकी है। फिलहाल अभी इस बात का खुलासा नहीं हो पाया कि यहां कितनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती की जा रही है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि अनाज पैदा करने वाले किसान क्यों नशे की फसल उगाने लग गए?

एक और किसान उगा रहा था अफीम

Chhattisgarh Afeem ki Kheti मिली जानकारी के अनुसार मामला लैलूंगा के नवीन चट गांव का है, जहां अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यहां का किसान अपने खेत के कुछ हिस्सों में चोरी छिपे अफीम की खेती कर रहा था। अफीम की खेती किए जाने की जानकारी होने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी है। बता दें कि इससे पहले भी रायगढ़ जिले में अफीम की खेती का खुलासा हो चुका है।

नदी किनारे हो रही थी खेती

गौरतलब है कि तमनार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आमाघाट गांव में नदी किनारे लगभग एक एकड़ भूमि में अफीम की अवैध खेती का पता चला था। पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली तब पुलिस दल मौके पर पहुंचा और एक आरोपी मार्शल सांगा (40) को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने अफीम की फसल को जब्त कर लिया है। बताया गया कि आरोपी झारखंड राज्य के खुंटी जिले का निवासी है और उसकी शादी तमनार क्षेत्र की सुषमा खलखो से हुई है। वह पिछले कुछ वर्षों से ससुराल में रहकर, स्थानीय किसानों से तरबूज़, ककड़ी और सब्जी उगाने के नाम पर खेत किराये पर ले रहा था और गोपनीय तरीके से अफीम की अवैध खेती कर रहा था।

झूठे आरोप अच्छे नहीं लगते: डिप्टी सीएम अरुण साव

इस पूरे मामले पर Arun Sao ने बीते दिनों कहा था कि राज्य सरकार नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि Vishnu Deo Sai ने पहले ही इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद प्रशासन लगातार सक्रिय है। वहीं, कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान नशे के कारोबार को संरक्षण मिलता था और उस समय इस तरह के मामलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेताओं के मुंह से इस तरह के झूठे आरोप अच्छे नहीं लगते, क्योंकि उनके कार्यकाल में ही ऐसी गतिविधियां पनपती रहीं।

दुर्ग में सबसे पहले हुआ खुलासा

बता दें कि, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक बड़ा अफीम खेती का मामला सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, जिले के जेवरा सिरसा पुलिस चौकी के ग्राम समोदा में डेढ़ से 7 एकड़ क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती की जा रही थी। यह खेती शिवनाथ नदी के किनारे की जमीन पर की जा रही थी। मामले में दो भाजपा नेताओं विनायक ताम्रकार और बृजेश ताम्रकार को हिरासत में लिया गया है। पुलिस और जिला प्रशासन की टीम सुबह से ही इलाके में जांच में जुटी हुई है। कलेक्टर अभिजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे और अफीम के पौधों का निरीक्षण किया और कार्रवाई कर रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में हाल ही में अफीम की खेती के कितने बड़े मामले सामने आए हैं?

हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में कई मामले सामने आए हैं, जिनमें दुर्ग (समोदा गांव में 1.5 से 7 एकड़ तक), रायगढ़ (तमनार क्षेत्र के आमाघाट गांव में लगभग 1-1.5 एकड़ नदी किनारे, और लैलूंगा के नवीन चट गांव में भी) शामिल हैं। यह राज्य में चौथा या इससे अधिक मामला बताया जा रहा है।

लैलूंगा (रायगढ़) में अफीम की खेती का मामला क्या है?

लैलूंगा के नवीन चट गांव में एक किसान ने अपने खेत के कुछ हिस्सों में छिपाकर अफीम की खेती की थी। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है और जांच जारी है। अभी खेती की सटीक मात्रा का पता नहीं चला है।

रायगढ़ के तमनार क्षेत्र में अफीम की खेती किसने की थी?

आमाघाट गांव में नदी किनारे लगभग 1 एकड़ भूमि पर अफीम उगाई जा रही थी। आरोपी मार्शल सांगा (40 वर्षीय, झारखंड के खुंटी जिले का निवासी) को हिरासत में लिया गया। वह ससुराल (तमनार क्षेत्र) में रहकर सब्जी/तरबूज आदि के नाम पर खेत किराए पर लेकर गोपनीय रूप से अफीम उगा रहा था। फसल जब्त कर ली गई है।

दुर्ग जिले में अफीम की खेती का मामला किससे जुड़ा है और क्या कार्रवाई हुई?

दुर्ग के समोदा गांव में शिवनाथ नदी किनारे 1.5 से 7 एकड़ (कुछ रिपोर्टों में 5+ एकड़) में अफीम की खेती मिली। इसमें भाजपा से जुड़े स्थानीय नेता विनायक ताम्रकार और बृजेश ताम्रकार को हिरासत/गिरफ्तारी में लिया गया। पुलिस, प्रशासन और कलेक्टर ने मौके पर जांच की, फसल जब्त की गई। भाजपा ने आरोपी को पार्टी से सस्पेंड भी किया।

इस मुद्दे पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने क्या कहा है?

अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है और किसी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके शासनकाल में नशे को संरक्षण मिलता था और झूठे आरोप अच्छे नहीं लगते।