Chhattisgarh ASP Rajendra Jaiswal Suspention || Image- ANI File
रायपुर: बिलासपुर जिले के निवर्तमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले दिनों बिलासपुर के पूर्व और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मौजूदा एएसपी राजेंद्र जायसवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। (Chhattisgarh ASP Rajendra Jaiswal Suspension) यह वीडियो एक स्पा संचालक ने अपने ही डिवाइस से गोपनीय तरीके से तैयार किया था।
स्पा संचालक ने दावा किया था कि एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल उनसे स्पा संचालन के एवज में पैसों की वसूली करते हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि पैसे नहीं देने पर राजेंद्र जायसवाल ने उन्हें अपने दफ्तर बुलाया था और इसी दौरान उन्होंने यह वीडियो तैयार किया था। संचालक ने साफ तौर पर यह भी कहा था कि उनके स्पा में किसी तरह की अवैध गतिविधि न तो वह करते हैं और न ही इसकी इजाजत देते हैं, फिर वह पैसे क्यों देंगे? उन्होंने इसकी लिखित शिकायत पुलिस महानिरीक्षक से की है। पीड़ित ने इस मामले से जुड़े ऑडियो-वीडियो भी पेश किए हैं। बहरहाल, इस पूरे विवाद पर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल को सस्पेंड किया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं। (Chhattisgarh ASP Rajendra Jaiswal Suspension) वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), बिलासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए निर्देश दिया गया है कि वे वायरल वीडियो, ऑडियो क्लिप और शिकायत में उल्लेखित तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर सात दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
वर्तमान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वायरल वीडियो 13 दिसंबर का हो सकता है, जब वे बिलासपुर में एडिशनल एसपी के पद पर पदस्थ थे। राजेंद्र जायसवाल के अनुसार, संबंधित युवक उनके चेंबर में किसी एफआईआर को लेकर आया था। उसे पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि आवश्यक दस्तावेज लाने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके बाद युवक द्वारा पुलिस के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई, जिस पर उसे डांटा गया। इसी दृश्य को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। यह उनकी और बिलासपुर पुलिस की छवि को खराब करने की कोशिश है।