Chhattisgarh land guideline prices reduced || Image- IBC24 News File
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन की गाइडलाइन कीमतों को लेकर एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में कोरबा और रायपुर जिलों में गाइडलाइन दरों में कटौती के आदेश जारी किए गए हैं। (Chhattisgarh land guideline prices reduced) इसके बाद पूरे प्रदेश में गाइडलाइन रेट कम किए जाने की मांग तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले बजट सत्र में सरकार इस संबंध में कोई बड़ा ऐलान कर सकती है।
जानकारी के अनुसार, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों की गाइडलाइन कीमतें अधिक होने को लेकर लंबे समय से आपत्ति जताई जा रही थी। किसानों और आम नागरिकों का कहना है कि गाइडलाइन दरें वास्तविक बाजार मूल्य से कहीं ज्यादा हैं, जिससे रजिस्ट्री और लेन-देन में परेशानी हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पहले चरण में कोरबा और रायपुर जिलों में गाइडलाइन रेट कम करने का निर्णय लिया है।
Raipur Korba Guideline Revison Wef 30 Jan 2026 by satya sahu
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन ने वर्ष 2025-26 के लिए नई गाइडलाइन दरें पूरे राज्य में लागू की थीं। “छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000” के तहत केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड, रायपुर द्वारा अनुमोदित ये दरें 20 नवंबर 2025 से प्रभावी हुई थीं। (Chhattisgarh land guideline prices reduced) यह संशोधन वर्ष 2018-19 के बाद पहली बार राज्यव्यापी स्तर पर किया गया था।
दरअसल, पिछले करीब आठ वर्षों से गाइडलाइन दरों में कोई बदलाव नहीं होने के कारण बाजार मूल्य और गाइडलाइन मूल्य के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया था। इस अंतर को दूर करने के लिए शासन ने वैज्ञानिक पद्धति से दरों का रेशनलाइजेशन किया। इसमें जिलों की भौगोलिक स्थिति, शहरी और ग्रामीण संरचना, सड़क संपर्क, बसाहट और आर्थिक गतिविधियों में आए बदलावों को ध्यान में रखा गया।
दुर्ग, रायगढ़, सरगुजा, कोरबा, धमतरी, बिलासपुर, कबीरधाम, कांकेर और बस्तर जैसे जिलों में सड़कों, बाजारों और विकास की वास्तविक स्थिति का आकलन कर गाइडलाइन दरों में व्यापक संशोधन किया गया था। राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और प्रमुख जिला सड़कों के आसपास बसे गांवों और बस्तियों के लिए एक समान मानक अपनाया गया।
नई गाइडलाइन व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में वर्गमीटर की दर को समाप्त कर दिया गया है। (Chhattisgarh land guideline prices reduced) अब आवासीय और कृषि भूमि का मूल्यांकन एक समान हेक्टेयर दर के आधार पर किया जा रहा है। इससे छोटे भूखंडों और कृषि भूमि के मूल्यांकन में चली आ रही असमानता खत्म होगी और किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य व मुआवजा मिलने की उम्मीद है।
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