DEEPAK BAIJ/ image source: IBC24
Deepak Baij on BJP: रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने रामनवमी के मौके पर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी भगवान राम के नाम पर राजनीति करती है और उन्हें एक वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती है। बैज ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय बीजेपी भगवान राम के नाम का सहारा लेकर जनता को प्रभावित करने की कोशिश करती है, जबकि असल मुद्दों से ध्यान भटकाया जाता है।
इसके अलावा बैज ने बीजेपी संगठन और सरकार पर भी तंज कसते हुए कहा कि पार्टी में अब अपने नेताओं की कमी हो गई है, इसलिए कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए नेताओं को अहम पद दिए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे बीजेपी के पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। एक्साइज ड्यूटी में कटौती के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि पांच राज्यों में चल रहे चुनावों को देखते हुए यह सिर्फ एक राजनीतिक कदम है। उनके मुताबिक, सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है और बीजेपी का मुख्य लक्ष्य सिर्फ सत्ता हासिल करना है, न कि जनता को राहत देना।
वहीं जैतू साव मठ मामले को लेकर भी Indian National Congress प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जैतू साव मठ से जुड़ी राशि के मामले को कांग्रेस ने प्रमुखता से उठाया है, लेकिन एक जिम्मेदार मंत्री ने विधानसभा के भीतर गलत जानकारी दी। बैज के मुताबिक, जिस राशि की बात कही गई, वह मठ को मिली ही नहीं, जिससे साफ है कि शासन-प्रशासन ने सदन में गलत जवाब दिया। उन्होंने इसे न सिर्फ विधानसभा का, बल्कि भगवान राम से जुड़े आस्था के केंद्र का भी अपमान बताया और मांग की कि गलत जानकारी देने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बता दें कि बजट सत्र के दौरान एक गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां अधिकारियों द्वारा सदन में गलत जानकारी दिए जाने का मामला उजागर हुआ है। यह मुद्दा तब उठा जब एक विधायक ने जैतृ साव मठ को मुआवजा राशि दिए जाने को लेकर सवाल पूछा। जवाब में बताया गया कि 2 फरवरी 2023 को 30.75 लाख रुपये RTGS के जरिए ट्रस्ट के खाते में जमा करा दिए गए हैं, लेकिन अब सामने आए तथ्यों ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की पड़ताल में खुलासा हुआ कि संबंधित ट्रस्ट के खाते में ऐसी कोई राशि कभी जमा ही नहीं हुई। ट्रस्ट के सचिव ने साफ तौर पर कहा है कि उनके बैंक खाते में किसी भी प्रकार की धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। इतना ही नहीं, बैंक स्टेटमेंट की जांच में भी यह पुष्टि हो गई कि 30.75 लाख रुपये की कोई एंट्री मौजूद नहीं है। इससे यह साफ हो गया है कि विधानसभा में लिखित रूप से दी गई जानकारी वास्तविकता से मेल नहीं खाती।