Vishnu Ka Sushasan: साय सरकार के प्रयासों से सुधरी प्रशासनिक व्यवस्था, मिनटों में हो रहा राजस्व समस्याओं का हल, 10 नवाचारों से आसान हुआ काम

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साय सरकार के प्रयासों से सुधरी प्रशासनिक व्यवस्था, मिनटों में हो रहा राजस्व समस्याओं का हल, Vishnu Ka Sushasan: 10 major reforms in the registry

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  • Publish Date - March 27, 2026 / 12:13 AM IST,
    Updated On - March 27, 2026 / 12:13 AM IST

रायपुर। Vishnu Ka Sushasan छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने सुशासन, पारदर्शिता और जनहित को केंद्र में रखकर कई ऐसे निर्णय लिए हैं, जिन्होंने आम जनता के जीवन को आसान बनाने की दिशा में ठोस बदलाव किए हैं। राज्य गठन के बाद से ही छत्तीसगढ़ के सामने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना एक बड़ी चुनौती रही है। विशेषकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना आसान नहीं था। लेकिन साय सरकार ने इन चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया है।

साय सरकार बनने के पहले राजस्व से जुड़े कामकाज जटिल और कागज़ी प्रक्रियाओं पर आधारित थे। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और प्रमाण पत्र जैसे कार्यों के लिए लोगों को बार-बार तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। खासकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जानकारी के अभाव में अधिक परेशानी होती थी। साय सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए राजस्व परामर्श केंद्रों की स्थापना की है। इन केंद्रों के माध्यम से अब लोग सीधे एसडीएम, तहसीलदार या नायब तहसीलदार से संपर्क कर अपनी समस्याओं का समाधान पा रहे हैं। इसके अलावा “राजस्व मितान” टोल फ्री नंबर 07763-299077 भी जारी किया गया है, जिससे नागरिकों को घर बैठे जानकारी मिल रही है।

रजिस्ट्री-नामांतरण में 10 बड़े नवाचार

Vishnu Ka Sushasan राज्य सरकार ने पंजीयन प्रणाली में 10 बड़े सुधार लागू किए हैं। इनमें आधार सत्यापन के जरिए फर्जी रजिस्ट्री पर रोक, ऑनलाइन दस्तावेज उपलब्धता, नकद रहित भुगतान, व्हाट्सएप और डिजीलॉकर सेवाएं, घर बैठे स्टाम्प व रजिस्ट्री सुविधा और रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। नए नियमों के तहत अब बंधक जमीनों की अवैध बिक्री पर रोक लगेगी और कोई भी व्यक्ति किसी अन्य की जगह पर खड़े होकर रजिस्ट्री नहीं करा सकेगा। इसके अलावा त्रुटि सुधार का अधिकार अब एसडीएम की जगह तहसीलदारों को दे दिया गया है। राज्य में जमीनों की जियो-रिफ्रेसिंग का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद सीमा विवादों में कमी आने की उम्मीद है।

नए बदलावों के मुख्य लाभ

  • अब आम जनता को फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन आदि जैसे मामलों में स्पष्ट जानकारी मिल रही है।
  • कागज़ी कार्यवाही और समय की बचत हो रही है।
  • सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ी है।
  • जनता को अब प्रक्रियाओं की सही जानकारी मिलने से भ्रांतियां और भ्रम कम हुए हैं।

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