Mann Ki Baat 133rd Episode : प्रधानमंत्री मोदी की ‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम! काले हिरणों के संरक्षण पर फिदा हुए पीएम, सीएम साय ने जताया आभार

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पीएम मोदी ने “मन की बात” में छत्तीसगढ़ के काले हिरण संरक्षण प्रयासों की सराहना की, जिसे सीएम विष्णु देव साय ने प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया।

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  • Publish Date - April 26, 2026 / 05:18 PM IST,
    Updated On - April 26, 2026 / 05:18 PM IST

Mann Ki Baat 133rd Episode / Image Source : SOCIAL MEDIA

HIGHLIGHTS
  • “मन की बात” में छत्तीसगढ़ के काले हिरण संरक्षण का जिक्र
  • सीएम विष्णु देव साय ने इसे बताया प्रदेश के लिए गर्व का पल
  • पर्यावरण संरक्षण और महिलाओं की आय बढ़ाने पर भी जोर

रायपुर : Mann Ki Baat 133rd Episode  प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है।

विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण

मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह ( PM Modi Chhattisgarh ) देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है।

CM Vishnu Deo Sai News मन की बात में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, अजय जामवाल, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

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“मन की बात” में छत्तीसगढ़ का जिक्र क्यों हुआ?

काले हिरण संरक्षण के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।

सीएम विष्णु देव साय ने क्या कहा?

उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया और लोगों का मनोबल बढ़ाने वाला कहा।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?

देशभर के नवाचार, जनभागीदारी और सकारात्मक प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान देना।