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Vishnu Deo Sai Birthday: आज 21 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। जशपुर जिले के एक साधारण किसान परिवार से निकलकर प्रदेश की राजनीति के शीर्ष पद तक पहुंचने वाले साय का जीवन संघर्ष, संगठननिष्ठा और शांत नेतृत्व शैली का उदाहरण माना जाता है। भाजपा के आदिवासी चेहरे के रूप में उभरे साय की पहचान जमीनी नेता और संगठन के भरोसेमंद कार्यकर्ता की रही है, जिसने उन्हें मुख्यमंत्री पद तक पहुंचाया।
विष्णु देव साय का जन्म 21 फरवरी 1964 को छत्तीसगढ़ (तत्कालीन मध्यप्रदेश) के जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम बगिया में हुआ। पिता राम प्रसाद साय किसान थे और माता जसमनी देवी गृहिणी। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े साय ने कुनकुरी से हायर सेकेंडरी तक शिक्षा प्राप्त की। 1991 में उनका विवाह कौशल्या देवी साय से हुआ। पारिवारिक रूप से भी उनका राजनीति से जुड़ाव रहा, उनके बड़े पिता नरहरि प्रसाद साय सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी विधायक रहे।
साय ने 1989 में बगिया ग्राम पंचायत में पंच के रूप में राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। 1990 में वे निर्विरोध सरपंच चुने गएऔर यही वर्ष उनके लिए बड़ा राजनीतिक मोड़ साबित हुआ। उसी साल अविभाजित मध्यप्रदेश की तपकरा विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर वे विधायक बने। 1990 से 1998 तक दो लगातार कार्यकालों में विधायक रहते हुए उन्होंने आदिवासी क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाई और संगठन में भरोसेमंद नेता के रूप में पहचान बनाई।
1999 में साय पहली बार रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। इसके बाद उन्होंने लगातार चार बार, 1999, 2004, 2009 और 2014, लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया। संसदीय कार्यकाल के दौरान वे कई महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य रहे, जिनमें खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, सूचना प्रौद्योगिकी, जल संसाधन और वाणिज्य समितियां शामिल हैं।
2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें खान और इस्पात मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया। 2014 से 2019 के बीच उन्होंने इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार जैसे मंत्रालयों में जिम्मेदारियां संभालीं। शांत स्वभाव और प्रशासनिक संतुलन के कारण वे संगठन और सरकार दोनों में स्वीकार्य चेहरा बने।
अविभाजित मध्यप्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ नेता लखीराम अग्रवाल को साय का राजनीतिक मार्गदर्शक माना जाता है। Vishnu Deo Sai BJP कहा जाता है कि अग्रवाल ने ही उन्हें आगे बढ़ाया और 1990 में विधानसभा टिकट दिलाने में अहम भूमिका निभाई। संगठनात्मक अनुशासन, आदिवासी समाज में पकड़ और विवादों से दूर रहने की छवि ने साय को भाजपा के अंदर भरोसेमंद नेता बनाया।
2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने साय को प्रमुख जिम्मेदारियां दीं। वे घोषणा पत्र समिति से लेकर बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क अभियान के प्रमुख चेहरों में रहे। आदिवासी समाज से आने वाले नेता के रूप में उन्हें रणनीतिक रूप से आगे बढ़ाया गया। CM Vishnu Deo Sai 3 दिसंबर 2023 को वे विधायक चुने गए और 10 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर उन्होंने राज्य का नेतृत्व संभाला। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बाद भाजपा ने पीढ़ी परिवर्तन और सामाजिक संतुलन की रणनीति के तहत उन्हें मुख्यमंत्री बनाया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार साय की सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी, संगठन में स्वीकार्यता और आदिवासी समाज में विश्वसनीयता है। वे आक्रामक राजनीति से दूर रहते हुए संवाद और संगठनात्मक काम पर भरोसा करते हैं। जमीनी स्तर से ऊपर उठे नेता होने के कारण प्रशासनिक फैसलों में ग्रामीण और आदिवासी हितों की समझ उनकी प्रमुख पहचान मानी जाती है।