कांग्रेस ने पार्टी नेता के खिलाफ शस्त्र अधिनियम का मामला रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया

कांग्रेस ने पार्टी नेता के खिलाफ शस्त्र अधिनियम का मामला रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया

कांग्रेस ने पार्टी नेता के खिलाफ शस्त्र अधिनियम का मामला रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया
Modified Date: May 26, 2026 / 07:36 pm IST
Published Date: May 26, 2026 7:36 pm IST

सूरजपुर, 26 मई (भाषा) छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य के सूरजपुर जिले में अपने एक पदाधिकारी के खिलाफ दर्ज शस्त्र अधिनियम के मामले को रद्द करने की मांग को लेकर एक पुलिस थाने के बाहर मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पार्टी के कई अन्य नेता और कार्यकर्ता सूरजपुर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज मामले को लेकर विश्रामपुर पुलिस थाने के बाहर धरने पर बैठे हैं।

पुलिस के मुताबिक, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला अध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी की शिकायत के आधार पर 24 मई को जैन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296 (अश्लील कृत्य) और 351(3) (धमकी) के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27 के तहत दर्ज किया गया।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि 23 मई की रात शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव के प्रचार के दौरान, जैन ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ गाली-गलौज की, उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी और एक व्यक्ति को जबरदस्ती मोटरसाइकिल पर बैठाने की कोशिश करते हुए धारदार हथियार लहराया।

पुलिस ने बताया कि मामले में जैन को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।

शिवनंदनपुर नगर पंचायत और कई अन्य शहरी एवं पंचायत निकायों के लिए मतदान एक जून को निर्धारित है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जैन के खिलाफ शस्त्र अधिनियम का एक “झूठा” मामला दर्ज कराया है।

जैन जिले में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पार्टी के प्रभारी हैं। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के प्रयास के तहत यह कदम उठाया है।

पार्टी ने बताया कि कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात की और संबंधित पुलिस थाने के प्रभारी को निलंबित करने की मांग की।

बैज ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि भाजपा को एहसास हो गया है कि वह चुनाव हारने वाली है, यही कारण है कि पार्टी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है।

उन्होंने कहा, “भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस इन अलोकतांत्रिक कार्यों का कड़ा विरोध करेगी।”

बैज ने जैन के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धाराएं लगाए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी उचित जांच-पड़ताल के कार्रवाई की है।

कांग्रेस नेता ने कहा, “हमने पुलिस से पूछा कि क्या जैन के पास कोई पिस्तौल, एके-47 या इंसास राइफल थी और क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई थी? पुलिस के पास कोई जवाब नहीं था।”

बैज ने कहा, “अगर शस्त्र अधिनियम के संबंध में कोई शिकायत थी, तो पुलिस को पहले जांच करनी चाहिए थी और प्राथमिकी तभी दर्ज करनी चाहिए थी, जब कोई अपराध साबित हो जाता। यहां के पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रहे हैं, जो कि अस्वीकार्य है।”

बैज ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता तब तक विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे, जब तक कि शस्त्र अधिनियम के आरोप वापस नहीं ले लिए जाते और इस घटना के संबंध में पार्टी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं कर ली जाती।

उन्होंने कहा, “हम पुलिस थाने के बाहर अपना धरना जारी रखेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो हम चुनाव भी यहीं बैठे-बैठे लड़ेंगे।”

पूर्व उपमुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), आयकर विभाग और निर्वाचन आयोग जैसी केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से चुनावों को प्रभावित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन खुले तौर पर ऐसे दबाव में काम करेगा, तो चुनाव कराने का मूल उद्देश्य ही विफल हो जाएगा।

सिंहदेव ने कहा कि अगर मंगलवार शाम तक पार्टी की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वह अनिश्चितकालीन उपवास शुरू कर देंगे, जबकि बैज भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मंगलवार देर दोपहर विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए।

लतौरी क्षेत्र के तहसीलदार सुरेंद्र पैकरा ने कहा कि कांग्रेस नेता जैन के खिलाफ लगाई गई कुछ धाराओं को हटाने की मांग कर रहे हैं और इस मामले को आगे की कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेज दिया गया है।

भाषा

सं संजीव पारुल

पारुल


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