उप्र: वन्यजीव के हमले में दो महिलाओं की मौत, जिलाधिकारी ने कैंप लगाने के निर्देश दिए

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उप्र: वन्यजीव के हमले में दो महिलाओं की मौत, जिलाधिकारी ने कैंप लगाने के निर्देश दिए

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  • Publish Date - December 27, 2025 / 04:00 PM IST,
    Updated On - December 27, 2025 / 04:00 PM IST

बलरामपुर, 27 दिसंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में भारत-नेपाल सीमा से सटे सोहेलवा वन क्षेत्र में वन्य जीव के हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

वन विभाग ने बताया कि बृहस्पतिवार को भांभर रेंज के बेलभरिया बीट में भारत नेपाल सीमा से सटे कपिलवस्तु जिले की अमोली गांव निवासी उर्मिला (20) जंगल में लकड़ी बीनने आई थी, तभी वन्य जीव ने उस पर हमला कर दिया।

उन्होंने बताया कि हमले में उर्मिला की मौत हो गई और उसका क्षत-विक्षत शव जंगल में मिला।

पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) जितेंद्र कुमार ने बताया कि नेपाली महिला के शव का पोस्टमार्टम करा कर शुक्रवार को तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया।

वन विभाग के अनुसार, विशनपुर कोडर गांव निवासी कमला देवी (22) गांव की महिलाओं के साथ जंगल में लकड़ी बीनने गई थी कि तभी तेंदुए ने हमला कर दिया और उसे खींच कर जंगल में ले गया।

विभाग ने बताया कि महिलाओं के शोर मचाने पर ग्रामीण इकठ्ठा हुए और वन विभाग की मदद से कमला का शव जंगल के अंदर बरामद किया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही वनाधिकारी गौरव गर्ग, मुख्य वन संरक्षक अशोक प्रसाद सिन्हा सहित वन विभाग के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे।

क्षेत्रीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि वन्य जीवों के हमलों के मद्देनजर ट्रेप कैमरे एवं घटनास्थल के पास में दो पिंजड़े भी लगाए जा रहे है और हमला करने वाले वन्य जीव की तलाश के लिए चार टीमें लगाई गई हैं तथा जंगल से सटे गांवों में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।

बलरामपुर के जिलाधिकारी (डीएम) विपिन जैन ने वन्य जीवों के बढ़ रहे हमलों पर चिंता जताते हुए जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में वन्य जीवों के हमलों को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि संवेदनशील स्थानों पर कैंप लगाए जाय तथा वन विभाग की टीमें बना कर लगातार गश्त की जाए।

उन्होंने बताया कि हिंसक वन्य जीवों को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरे की मदद लेने के भी निर्देश दिए गए है।

भाषा सं आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र