शह मात The Big Debate: ‘यहां डाकुओं को भी संरक्षण’..मंत्री जी के बयान पर रण! क्या मंत्री जी के बयान से संत समाज में नाराजगी बढ़ेगी?

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Yuvraj Pandey News: 'यहां डाकुओं को भी संरक्षण'..मंत्री जी के बयान पर रण! क्या मंत्री जी के बयान से संत समाज में नाराजगी बढ़ेगी?

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  • Publish Date - January 25, 2026 / 12:00 AM IST,
    Updated On - January 25, 2026 / 12:01 AM IST

Yuvraj Pandey News | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • कथावाचक पं. युवराज ने कथा मंच से सुरक्षा की कमी पर दुख जताया
  • मंत्री राजेश अग्रवाल का "डाकुओं को भी सुरक्षा देते हैं" वाला बयान विवादों में
  • कांग्रेस ने इसे बीजेपी सरकार की संवेदनहीनता और अवसरवाद बताया

रायपुर: CG News ये बात हम या विपक्ष नहीं कह रहे हैं बल्कि ये कहा है प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने हालांकि ये बात हल्के अंदाज में चलते-चलते कही गई ये भी दिखा लेकिन एक जाने-माने छत्तीसगढ़ी कथावाचक की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामले पर मंत्री जी का जवाब और अंदाज दोनों पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे मंत्री जी और बीजेपी सरकार की असलियत बताते हुए हमला बोला। अब सवाल ये कि क्या मंत्रीजी ने सोच-समझकर तंज कसते हुए ऐसी अजीब प्रतिक्रिया दी है ? सवाल ये आखिर सरकार किन-किन डाकुओं को सुरक्षा दे रही है या जिन्हें सुरक्षा दी जा रही है उनमें से किन्हें डाकुओं की संज्ञा दी जा रही है?

Yuvraj Pandey News छत्तीसगढ़ के प्रख्यात कथावाचक पं युवराज की मंच से की गई इस भावुक टिप्पणी के बाद मामला अब पूरी तरह से सियासी रंग ले चुका है। दरअसल, 19 जनवरी से रायपुर के खिलौरा ग्राउंड पर पं युवराज ने अपने पंडाल में प्रशासन को लिखित सूचना के बाद भी लोगों की सुरक्षा और स्थानीय कथावाचकों की अनदेखी पर कथा के दौरान दुख जताया। जिसका वीडियो वारयल हो गया। हालांकि पं युवराज ने साफ किया कि अगले दिन से हजारों श्रद्धालुओं से भरे पंडाल में सुरक्षा इंतजाम किए गए। जब प्रदेश के संस्कृति मंत्री से इस पर सवाल पूछा गया तो उनके जवाब ने कई नए सवाल उठा दिए।

इधऱ, कांग्रेस कहती है कि मंत्री जी के डाकुओं को सुरक्षा देने वाली बात बेतुकी और समझ से परे है। PCC चीफ, दीपक बैज ने कहा सरकार ख़ुद डाकू है। पूर्व डिप्टी CM टी एस सिंहदेव ने तंज कसा कि वैसे तो दूसरे राज्यों से सरकारी प्लेन से संतों को लाया जाता है, पलकों पर बैठाने का दावा होता है लेकिन जहां सुरक्षा की आवश्यकता है,वहां सुरक्षा नहीं देना गंभीर लापरवाही है।

दरअसल, पं युवराज के वाहन पर पहले भी हमला हो चुका है। जिसके बाद उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठती रही है। कांग्रेस का खुला आरोप है कि बाहरी कथावाचकों को सरकार पलकों पर बैठाकर सुरक्षा-सुविधा देती है लेकिन छत्तीसगढ़ को खुद अपनी सुरक्षा के लिए बोलना पड़ रहा है। उसपर प्रदेश के संस्कृति मंत्री का हंसी-हंसी में डाकुओं को सुरक्षा देने वाला बयान, उनकी संजीदगी और संवेदनशीलता सवालिया निशान लगा रहा है?

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विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

पं. युवराज ने कथा मंच से सुरक्षा की कमी पर भावुक टिप्पणी की, जिसका वीडियो वायरल हुआ।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने क्या कहा?

उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि "हम तो डाकुओं को भी सुरक्षा देते हैं।"

कांग्रेस की प्रतिक्रिया क्या रही?

कांग्रेस ने बयान को बेतुका बताया और आरोप लगाया कि सरकार संवेदनशील मुद्दों को हल्के में ले रही है।