भूपेश सरकार के राज में लगातार घट रही बेरोजगारी, ग्रामोद्योग विभाग ने 13, 544 युवाओं को दिया रोजगार

भूपेश सरकार के राज में लगातार घट रही बेरोजगारी, ग्रामोद्योग विभाग ने 13, 544 युवाओं को दिया रोजगार

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  • Publish Date - January 8, 2020 / 06:29 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:59 PM IST

रायपुर: छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद से कई क्षेत्र में उत्तरोत्तर विकास हो रहा है। वहीं, प्रदेश की भूपेश सरकार युवओं को रोजगार मुहैया करने के लिए कई रोजगारोन्मुखी योजनाओं का संचालन कर रही है। इसी कड़ी में सरकार के इस प्रयास की सफलता को बयां करने वाली एक बड़ी खब सामने आई है। खबर है कि भूपेश सरकार के सत्ता में आने के बाद से ग्रामोद्योग विभाग ने अब तक 13 हजार 554 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है।

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ग्रामोद्योग विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत विगत एक साल में 821 इकाई स्थापित कर लगभग 5 करोड 52 लाख रूपए का अनुदान देकर 4 हजार 506 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत एक हजार एक सौ इकतीस इकाई स्थापित कर लगभग 25 करोड़ 44 लाख रुपए का अनुदान देकर 9 हजार 48 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

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मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम राज्य शासन की प्रायोजित योजना है। इस योजना के अंतर्गत परियोजना लागत राशि सेवा क्षेत्र हेतु एक लाख रूपए एवं विनिर्माण क्षेत्र के लिए 3 लाख रुपए दिया जाता हैं। इसमें अनुदान की राशि बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है और अनुदान राशि की सीमा 35 प्रतिशत जिसमें लाभार्थी द्वारा स्वयं का अंशदान 5 प्रतिशत विनियोजन करना होता है। इस योजना अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को छोटे-छोटे ग्रामोद्योग इकाईयों की स्थापना हेतु लाभान्वित कर ग्रामोद्योग का विकास एवं स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा प्रायोजित योजना है इसके अंतर्गत आयोग द्वारा जारी नकारात्मक उद्योग को छोड़कर किसी भी ग्रामोद्योग इकाई स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपए सेवा क्षेत्र में एवं विनिर्माण क्षेत्र के लिए 25 लाख तक की लागत कि परियोजनाएं स्वीकार की जाती हैं। जिसमें सामान्य वर्ग के पुरुष हितग्राही को 25 प्रतिशत तथा अन्य वर्गों तथा महिलाओं को 35 प्रतिशत मार्जिन बतौर अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में सामान्य वर्ग के पुरुष हितग्राही को 10 प्रतिशत तथा अन्य वर्गों एवं सामान्य वर्ग की महिला हितग्राही को 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान विनियोजित करना होता है। इस तरह मात्र 65 प्रतिशत बैंक ऋण होता है जिसे 7 वर्षों में आसान किस्तों में ब्याज सहित वापस करना होता है। इस योजना को आयोग द्वारा ऑनलाइन किया गया है।

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