अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कहीं खुशी कहीं गम

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कहीं खुशी कहीं गम

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  • Publish Date - March 8, 2019 / 11:43 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:32 PM IST

बिलासपुर। विश्व अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है। महिलाओं की आजादी और उनके अधिकार की बातें सुनने को मिल रही हैं। महिलाओं की गौरव गाथा सुनने को मिल रही है,लेकिन बिलासपुर में ऐसी भी महिलाएं हैं जिन्हें महिला होते हुए भी महिला के रूप में सम्मान ना मिल पाने का दुख है। ये वो महिलाएं हैं जो बहू होने का फर्ज निभा चुकी हैं और अब उम्र के ढलते पड़ाव में सास की जिम्मेदारी निभा रही है।

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बिलासपुर की संस्था,सेव इंडियन फैमिली ने ऐसी महिलाओं को सामने रखा है जो फेमिनिज्म के नाम पर नई लड़कियों के द्वारा किए गए गलत व्यवहार का विरोध करती हैं। इन महिलाओं का कहना है कि समाज और शासन ने ये मान लिया है कि एक युवती या फिर एक बहू ही सिर्फ महिला हो सकती है, एक सास या ननद या फिर देवरानी या जेठानी को बहू के रूप में नहीं देखा जाता है। बुजुर्ग महिलाओं की मानें तो महिला के नाम पर उन महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है जिन्हें उम्र के ढलते पड़ाव में सहारे की जरूरत है। महिला दिवस का विरोध कर रही महिलाओं ने कानून बदलने की जरूरत बताई है । बुजुर्ग महिलाओं के मुताबिक हर महिला को समान सम्मान और अधिकार देने की बात पर लोगों को सामने आना चाहिए ।