रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ वाणिज्यिक-कर (आबकारी विभाग) का छापामार जांच अभियान जारी है। लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक प्रदेश के सभी 27 जिलों में अवैध शराब की शिकायतों पर आबकारी विभाग के जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय उड़नदस्तों द्वारा एक हजार 703 छापे मारे गए। इन छापों में 939 मामले दर्ज करते हुए आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 889 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
यह जानकारी मंगलवार को आबकारी आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह की अध्यक्षता में आबकारी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई में अवैध शराब के साथ-साथ अवैध महुआलाहन और अवैध मदिरा परिवहन में संलिप्त एक दर्जन वाहन भी जब्त किए गए। इन सभी का बाजार मूल्य 18 लाख 85 हजार 251 रूपए है।
बताया गया कि 10 से 31 मार्च तक चलाए गए छापामार अभियान में दर्ज इन मामलों में कुल तीन हजार 359 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की गई, जिसका बाजार मूल्य लगभग छह लाख 07 हजार 701 रूपए है। इसमें से लगभग तीन हजार 111 बल्क लीटर अवैध शराब छत्तीसगढ़ राज्य की और 249 बल्क लीटर अन्य राज्यों की है। इस अवैध शराब के साथ ही 24 हजार 165 किलोग्राम महुआलाहन भी जब्त किया गया। बाजार में इसकी कीमत तीन लाख रूपए से अधिक हैं। छापामार अभियान में जब्त किए गए एक दर्जन वाहनों का बाजार मूल्य नौ लाख 72 हजार रूपए है। समीक्षा बैठक में वाणिज्यिक-कर (आबकारी) विभाग के विशेष सचिव एपी त्रिपाठी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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आबकारी आयुक्त डॉ. सिंह ने बैठक में अधिकारियों को सभी जिलों में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम और राजधानी रायपुर के आबकारी भवन स्थित राज्य स्तरीय कण्ट्रोल रूम को लगातार चालू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम के टोल फ्री नम्बर 14405 पर तथा जिलों के कण्ट्रोल रूम में मिलने वाली शिकायतों को तुरंत संज्ञान में लेकर तत्परता से कार्रवाई की जानी चाहिए।