शराब की होम डिलीवरी! विपक्ष ने कसा तंज, कहा- राशन मिले ना मिले, घर-घऱ शराब जरूर मिलेगी

Ads

शराब की होम डिलीवरी! विपक्ष ने कसा तंज, कहा- राशन मिले ना मिले, घर-घऱ शराब जरूर मिलेगी

  •  
  • Publish Date - January 30, 2021 / 06:08 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:01 PM IST

भोपालः मध्यप्रदेश में एक बार फिर नई आबकारी नीति बनाने की काम तेजी से चल रहा है। नई शराब नीति में अब शराब की ऑनलाइन बिक्री और होम डिलेवरी प्रस्तावित है, जिसपर बवाल मचा है। विपक्ष ने तंज कसा है कि भाजपा सरकार के शासन में राशन मिले ना मिले घर-घऱ शराब जरूर मिलेगी। जबकि विपक्षी कांग्रेस ने खुद अपने शासनकाल में शराब की होम डिलेवरी का सिस्सट बनाने की पहल की थी, जिसका भाजपा ने जमकर विरोध किया था और फिर वो विकल्प ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। वैसे भाजपा के भीतर भी शराब बिक्री को लेकर अलग-अलग मत हैं। यहां बड़ा सवाल ये कि भाजपा सरकार क्या तय करेगी? दूसरा क्या शराब बंदी के मुद्दे पर पार्टियों के मत सियासी पक्षों के मुताबिक बदलते हैं?

Read More: ममता बनर्जी को एक और तगड़ा झटका, राजीव बनर्जी सहित 5 दिग्गज नेताओं ने थामा भाजपा का दामन

प्रदेश में उज्जैन-मुरैना में जहरीली शराब से 40 लोगों की मौत के बाद मचे सियासी बवाल के बाद बीजेपी सरकार नई आबकारी नीति पर तेजी से काम कर रही है, इसका ड्राफ्ट लगभग तैयार है। बड़ी बात ये कि इसमें शराब की ऑनलाइन बिक्री प्रस्तावित है, यानी ऑनलाइन ऑर्डर करने पर शराब सीधे घर पहुंचेगी। फिलहाल ये ड्राफ्ट वाणिज्यिक कर और आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा के पास है और वहां से मंजूरी के बाद इसे मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा। सरकार के सामने पेंच ये भी है कि इस नई शराब नीति को फरवरी में ही मंजूर करना होगा क्योंकि मार्च में नीलामी की प्रक्रिया शुरु होगी। इस नई नीति और ऑनलाइन शराब बिक्री पर आबकारी मंत्री कहते हैं कि फिलहाल प्रस्ताव शुरुआती चर्चा में है जिसपर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री को लेंगे।

Read More: स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया मेडिकल बुलेटिन, छत्तीसगढ़ में आज 9 कोरोना मरीजों की मौत, 413 नए संक्रमितों की पुष्टि

वैसे शराब की होम डिलिवरी का प्रस्ताव पहले भी सुर्खियों में रहा है.। साल 2019 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जब ऑनलाइन शराब सिस्टम तैयार करने की बात की थी, तो भाजपा और सामाजिक संगठनों के विरोध के बाद कांग्रेस सरकार को अपना फैसला होल्ड करना पड़ा था। लेकिन अब पासा पलट चुका है विपक्ष में बैठी कांग्रेस शराब की ऑनलाइन बिक्री पर तंज कस रही है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि ये दुखद है कि गांधी के देश में शराबबंदी की बजाए शराब घर-घर पहुंचाने का इंतजाम हो रहा है।

Read More: पति-पत्नी ने कराई नसबंदी, लेकिन पांच साल बाद फिर प्रेग्नेंट हो गई महिला, जानिए क्या है माजरा

कुल जमा ये साफ दिखता है कि सत्तासीन दल और विपक्षी दल शराब बंदी और शराब बिक्री पर नीति के मामले में सियासी सुविधा के हिसाब से मत बदलते हैं। जब कांग्रेस सरकार ने शराब की ऑनलाइन ब्रिक्री का प्रस्ताव ला रही थी, तो भाजपा ने मुखर विरोध किया। कांग्रेस सरकार पर प्रदेश को मदिरा प्रदेश बनाने के आरोप लगाए और अब सत्ता में लौटी भाजपा शराब की होम डिलीवरी पर विचार कर रही है। हालांकि शराब को लेकर भाजपा के भीतर दिग्गज नेताओं में उलट राय भी चर्चा का विषय रही हैं। पूर्व सीएम उमा भारती भाजपा शासित राज्यों में पूर्ण शराबबंदी की वकालत करती हैं, तो गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा शराब दुकानों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखते हैं। देखना दिलचस्प होगा की शराब की ऩई नीति पर सरकार का फायनल निर्णय क्या होता है?

Read More: अनशन की घोषणा कर पीछे हटे अन्ना हजारे, तो शिवसेना ने तंज कसते हुए कहा- ’ये तो होना ही था’