रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के आज दो साल पूरे हो गए। जिसे सरकार ” बात हे अभिमान के.. छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के” नारे के साथ जनता के सामने रख रही है। छत्तीसगढ़ की कमान संभालने के बाद भूपेश सरकार ने सबसे ज्यादा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। जिसका सीधा फायदा ग्रामीणों को मिल रहा है।
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खुशहाल हुआ किसान
कभी निस्तारी और सिंचाई के लिए परेशान रहने वाले छत्तीसगढ़ के किसान आज राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार ने सराहनीय कार्य किया है। महासमुंद जिले में वन विभाग द्वारा जल सरंक्षण के लिए स्थाई स्टापडेम, रेत चेक डेम, बोल्डर चेक डेम और सेप्टा का निर्माण कराया गया है। जिसने किसानों और ग्रामीणों की तकदीर और तस्वीर बदल दी है।
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महासमुंद जिले में जल सरंक्षण का काम 2017 में शुरू हुआ । तब से लेकर आज तक वन विभाग के द्वारा दस स्थाई स्टाप डेम, 2 हजार बोल्डर चेक डेम, 3 हजार सेप्टा का निर्माण कराया गया । जिससे 11 गांव के ग्रामीणो की निस्तारी की समस्या और हजारों एकड़ में सिंचाई की समस्या समाप्त हो गई है। जिले के मोहकम गांव में वन विभाग के द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास मद के 35 लाख की लागत से कहुआ डबरा पर स्टाप डेम और एक नहर का निर्माण कराया गया। जिससे गांव की निस्तारी और सिंचाई की समस्या तो दूर हुई ही साथ में भू जलस्तर भी बढ़ गया। इसी प्रकार जगंलो में छोटे -छोटे रेत बैग डेम तैयार किए गए। जिससे वन ग्रामों में भी लोगों को निस्तारी की समस्या निजात मिल गई है। ग्रामीण स्टाप डेम बन जाने से काफी खुश है, वहीं आला अधिकारी भी आने वाले समय में और बेहतर कर लिये जाने की बात कह रहे हैं।
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इसी प्रकार जंगलों में बरसात के मौसम में बारिश से हो रहे कटाव को रोकने के लिए जिले में 3 हजार सेफ्टा का निर्माण कराया गया। जिससे पानी के तेज बहाव पर रोक लगी और जंगल में पानी से होने वाले कटाव पर रोक लग गई । ग्रामीणों का कहना है कि स्टाप डेम बन जाने से हम लोगों की निस्तारी की समस्या तो दूर हुआ ही साथ ही भू जल स्तर में भी सुधार आ गया है।
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