जमीन का रजिस्ट्री शुल्क कम जमा करने वाले संस्थानों और बिल्डर्स पर कुर्की की तलवार, सूची में कई बड़े नाम

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जमीन का रजिस्ट्री शुल्क कम जमा करने वाले संस्थानों और बिल्डर्स पर कुर्की की तलवार, सूची में कई बड़े नाम

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  • Publish Date - March 2, 2019 / 11:03 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:05 PM IST

रायपुर। राज्यभर में जमीन की रजिस्ट्री में भारी फर्जीवाड़ा हुआ है। कई संस्थानों, बिल्डर्स और लोगों ने जमीन की कीमत कम बताते हुए जानबूझकर रजिस्ट्री शुल्क कम जमा किया है। रायपुर जिला पंजीयक ने शुल्क नहीं पटाने वाले 550 से ज्यादा संस्थानों और बिल्डर्स की सूची जारी की है।

इस सूची में 550 से ज्यादा लोगों पर जानबूझ कर कम पंजीयन शुल्क पटाने का आरोप है। शुल्क चोरी करने वाली संस्थाओं में कई बड़े नाम शामिल हैं। जायसवाल निको ने 36 करोड़, सेंचुरी सीमेंट ने 66 और मोनेट ने 18 करोड़ रुपए नहीं जमा किए हैं। जिला पंजीयन कार्यालय के मुताबिक बार बार नोटिस जारी होने के बाद भी कई संस्थान अड़ियल रवैया दिखा रहे हैं। ऐसे में समय सीमा तक शुल्क नहीं जमा किया गया तो कुर्की की कार्रवाई होगी।

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जिला पंजीयक कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक जमीन की रजिस्ट्री के समय उसके मूल्य के हिसाब से शुल्क जमा करना होता है, लेकिन कई बार जमीन खरीदने वाला जानबूझकर शुल्क से बचने के लिए जमीन की कीमत कम बताता है और उसी हिसाब से शुल्क जमा करता है। 550 सौ लोगों पर यही आरोप है कि इन लोगों ने जानबूझकर जमीन की कीमत कम बताई और शासन को चूना लगाया इन 550 सौ लोगों पर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा राजस्व दबाने का आरोप है।

सभी को समय सीमा दी गई है। समय पर शुल्क जमा नहीं होने पर आरआरसी के बाद कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। पंजीयक कार्यालय ने शुल्क नहीं पटाने वालोंकी सूची जारी कर दी है, जिसमें 50 लाख से ज्यादा शुल्क दबाने वाले लोगों में जायसवाल निको, मोनेट, रा बिल्डर्स और सेंचुरी सीमेंट जैसे संस्थानों का नाम है।