सुकमा। सुकमा जिले के गोडेलगुड़ा इलाके में सुरक्षाबलों की गोली से आदिवासी महिला की मौत के मामले में नक्सलियों ने न्यायिक जांच की मांग की है। साथ ही पुलिस पर मृतका के शव को जबरन जलाने का आरोप लगाया गया है। मामले में दोषी अफसर और जवानों को बर्खास्त करने की मांग की गई है।
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नक्सलियों की कोंटा एरिया कमेटी के सचिव मंगड़ू ने प्रेस नोट जारी कर कांग्रेस सरकार पर भी क्रांतिकारी आंदोलन को खत्म करने का आरोप लगाया है। प्रेस नोट में आरोप लगाया गया है कि दो फरवरी को गोडेलगुड़ा इलाके में नक्सलियों का कोई गश्त या कोई कार्यकर्ता नहीं था। लेकिन पुलिस ने एंबुस लगाकर एक महिला की हत्या कर दी और दूसरे को घायल कर दिया।
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इधर सुकमा एसपी जितेंद्र शुक्ला ने कहा है कि हमने ये कहा ही नहीं है कि मुठभेड़ मे महिला वर्दीधारी नक्सली मारी गई है, बल्कि मामले की जानकारी मिलने के कुछ समय बाद ही हमने क्रास फ़ायरिंग मे ग्रामीण महिला की मौत होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने नक्सलियों के आरोप को आदतन झूठा बताया है।