भोपाल। ई- टेंडरिंग छेड़छाड़ मामला में ईओडब्ल्यू डीजी के एन तिवारी और एसपी अरुण मिश्रा को सीएस ने तलब किया है। दोनों अफसर अपनी सफाई देने मंत्रालय पहुंचे,जहां उन्होंने अपना पक्ष रखा। बता दें कि बुधवार को इस मामले में 5 FIR दर्ज की गई हैं। वहीं ई- टेंडरिंग घोटाला मामले में 10 विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की गई है,जो इस पूरे घोटाले की छानबीन करेंगे।
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इसके पहले ई टेंडरिंग घोटाले में एफ आई आर दर्ज होने पर प्रदेश सरकार के वाणिज्य कर मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर ने कार्रवाई का बचाव किया है। राठौर ने कहा कि पिछले 15 साल में मध्यप्रदेश में घोटालों की किताब लिखी गई है। वर्तमान सरकार का फर्ज है कि वह घोटालों की जांच कराएं। ये कार्रवाई बदले की भावना से नहीं की गई है । कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में घोटाले की जांच कराने का किया वादा किया था, अब उस वायदे को सरकार ने पूरा किया है। राठौर ने पूर्व सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पिछली सरकार में यदि घोटला नहीं हुआ था, तो एफआईआर के बाद बीजेपी नेताओं के पेट में दर्द क्यों हो रहा है ।
ई-टेंडरिंग घोटाले में कानून मंत्री पीसी शर्मा ने पूर्व शिवराज सरकार पर हमला बोला है। पी सी शर्मा ने कहा कि ई टेंडरिंग घोटाले में जो FIR हुई है, उसमें करीब 3 हजार करोड़ से ज्यादा का घोटाला हुआ है। बीजेपी के मुख्यमंत्री सहित जितने भी मंत्री, नेता हैं सब बेनकाब होंगे,पीसी शर्मा ने कहा कि बीजेपी नेता अपने आप को बड़ा हरिश्चंद्र बताते थे,अब सबको पोल खुलने वाली है।