पणजी, 14 जून (भाषा) गोवा के नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री विश्वजीत राणे ने रविवार को कहा कि दक्षिण गोवा जिले के साल्सेट तहसील में अतिरिक्त 10 करोड़ वर्ग मीटर भूमि को ‘विकास-निषिद्ध क्षेत्र’ के रूप में चिह्नित करने का प्रस्ताव दिया गया है।
‘विकास निषिद्ध क्षेत्र’ सरकार या नगर नियोजन निकायों द्वारा घोषित एक ऐसा निर्दिष्ट क्षेत्र होता है, जहां पारिस्थितिकी के संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए किसी भी तरह के निर्माण कार्य, इमारतों के विकास या व्यावसायिक गतिविधियों की सख्त मनाही होती है।
राणे ने संवाददाताओं को बताया कि नगर एवं ग्राम नियोजन बोर्ड को तालुका की कई स्थानीय पंचायतों से प्रतिवेदन मिले हैं, जिनमें पर्यावरण और हरियाली की रक्षा के लिए इस जमीन को “आवासीय क्षेत्र” से बदलकर ‘विकास-निषिद्ध क्षेत्र’ करने का आग्रह किया गया है।
मंत्री ने दावा किया कि इस तटीय तालुका में जमीन के कई हिस्सों को ‘क्षेत्रीय योजना 2021’ में आवासीय क्षेत्र के रूप में दिखाया गया था, जिसे कांग्रेस के सत्ता में रहने के दौरान तैयार किया गया था।
उन्होंने कहा, “मैं उस गड़बड़ी को सुधार रहा हूं जो कांग्रेस शासन के दौरान हुई थी। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारियों की टीमें इन क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगी और उनकी स्थिति को फिर से ‘विकास-निषिद्ध क्षेत्र’ में बहाल करेंगी।”
राणे ने कहा कि साल्सेट पर्यावरण के लिहाज से सबसे संवेदनशील तालुकों में से एक रहा है, क्योंकि इसके साथ एक लंबी तटरेखा लगती है।
भाषा सुमित प्रशांत
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